हिंदी पखवारा:दैनिक जीवन में अधिक से अधिक हिंदी भाषा का प्रयोग करके ही हम कर सकते हैं इसका संरक्षण

हाजीपुर2 महीने पहले
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  • नेहरु युवा केंद्र की ओर से हुई हिंदी संरक्षण विषय पर ऑनलाइन कार्यशाला

हिंदी की संरक्षण तभी हो सकती हैं जब हम अपने दैनिक जीवन में खासकर बच्चों के बीच हिंदी शब्द का अधिक से अधिक प्रयोग करे। आने वाले समय में हिंदी संरक्षण की जिम्मेवारी हम सभी की है। जबतक युवा वर्ग हिंदी का प्रयोग अधिक करेंगें तब ही हमारे बच्चें भी इस शब्द को अपनी दिनचर्या में लाएंगे। ये बातें हिंदी पखवारा के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राजन गिरी ने कही। नेहरू युवा केंद्र के तत्वावधान में 14 से 25 सितंबर तक आयोजित हिंदी पखवाड़ा का समापन पर हिंदी संरक्षण विषय पर ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। ऑनलाइन कार्यशाला का अध्यक्षता जिला युवा अधिकारी श्वेता सिंह और संचालन जिला परियोजना अधिकारी (नमामि गंगे परियोजना) मुनेश कुमार ने किया गया। मुख्य अतिथि राजन गिरी ने कार्यशाला में ऑनलाइन माध्यम से जुड़े प्रतिभागियों को हिंदी संरक्षण एवं हिंदी की वर्तमान स्थिति पर प्रशिक्षित किया।

कार्यशाला में इन्होंने किया विचार व्यक्त
कार्यशाला में नेहरू युवा केंद्र से युवा मंडल सदस्य विवेक कुमार, गजेंद्र कुमार, वीरेंद्र कुमार, रवि राज, हेमंत कुमार, सुजीत कुमार गुप्ता, गंगा दूत अमित कुमार, अजीत कुमार, भोलू कुमार सिंह, धीरज कुमार, नवीन कुमार राज, सुजीत कुमार ने अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम एवं लेखा पर्यवेक्षक केदारनाथ सिंह अतिथि, प्रतिभागी एवं साधनसेवी का धन्यवाद ज्ञापन किया।

हिंदी को संरक्षित करना हम सब की है जिम्मेवारी
जिला परियोजना अधिकारी मुनेश कुमार ने बताया कि हिंदी भाषाओं को जननी है इसे संरक्षित करना हम सब की जिम्मेवारी है। हमारी आने वाली पीढ़ी को हिंदी के शब्दों जैसे पिता श्री, माता श्री, दादा श्री आदि शब्दों का प्रयोग करना चाहिए। आज हम अपनी सभ्यता को भूलकर विदेशी भाषाओं खासकर अंग्रेजी के प्रचार प्रसार कर रहे हैं जो सही नही है हमें अपनी मातृभाषा का भी रक्षा करना होगा। वहीं राजन गिरी और मुनेश कुमार प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दिया।

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