पटना में सहारा एजेंट की पिटाई:हाईकोर्ट में सुब्रत राय की पेशी का कर रहे थे इंतजार, नहीं पहुंचे तो फूटा लोगों का गुस्सा

पटना5 महीने पहले
बड़ी संख्या में लोग हाईकोर्ट के बाहर पहुंचे थे। - Dainik Bhaskar
बड़ी संख्या में लोग हाईकोर्ट के बाहर पहुंचे थे।

सहारा इंडिया के मालिक सुब्रत राय के पटना हाईकोर्ट में पेश न होने पर लोगों का गुस्सा एजेंट पर निकला। शुक्रवार को सहारा श्री की कोर्ट में पेशी थी। वो तो नहीं पहुंचे, लेकिन उनके एजेंट पहुंच थे। इसी बीच सहारा में पैसे फंसा चुके लोगों की नजर एजेंट पर पड़ी। इसके बाद नाराज भीड़ ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। अंत में एजेंट को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा।

दरअसल, सुब्रत राय के हाईकोर्ट पहुंचने से पहले बड़ी संख्या में इनवेस्टर्स यहां पहुंच गए थे। सुब्रत राय को सुबह 10.30 तक पहुंचना था, लेकिन वो 11 बजे तक वहां नहीं पहुंचे। इस बीच लोगों की नजर सहारा इंडिया के एक एजेंट पर पड़ गई। लोग तरुण कुमार नाम के एजेंट पर टूट पड़े। किसी तरह वे जान बचा कर वहां से भागा।

लोगों ने बताया कि ये एजेंट लोगों को परेशान करता है। डराता-धमकाता है। जब लोग मीटिंग करते हैं तो तरुण वहां मारपीट के लिए गुंडा लेकर आता है। एक व्यक्ति की हत्या भी कर दी गई है। यहां पहुंचे कई लोग ऐसे भी थे जिनके करोड़ों रुपए फंसे हुए थे। फंसे पैसों के कारण किन्हीं की बेटियों की शादी रुकी हुई है तो कई लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। दैनिक भास्कर ने ऐसे लोगों से बातचीत की।

पैसे के कारण अटकी है बेटी की शादी

यहां पहुंची एक महिला ने बताया कि 2012 में ही बेटी की शादी के लिए पैसा फिक्स की थी। अपने हक के रुपए के लिए दफ्तर से लेकर हाईकोर्ट तक गए। इसके बाद भी पैसा नहीं मिल रहा है। इस पैसे के कारण उनकी बेटी की शादी रुकी है।

एजेंट की पिटाई करते इन्वेंस्टर्स।
एजेंट की पिटाई करते इन्वेंस्टर्स।

घर से निकलना मुश्किल हो गया है- आफताब

वहीं, एक दूसरे निवेशक आफताब यहां 100 पासबुक लेकर यहां पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि सहारा में उनके कुल डॉपिजिटर्स का 7-8 करोड़ रुपया अटक है। बाहर निकलते ही लोग पैसा मांगने लगते हैं। उनका घर से निकलना मुश्किल हो गया है। ब्रांच और जोन ऑफिस वाले 6-6 महीने का समय देकर मामला टालते रहते हैं।

पैसा मांगे, तब उग्रवादी घोषित कर दिया: रमेश

रमेश कुमार ने बताया कि वे जमाकर्ता और वसूलकर्ता दोनों थे। उन्होंने बताया कि उनके 5 लाख रुपए अटके हुए थे। जब उन्होंने अपना पैसा मांगा तो उन्हें उग्रवादी बताकर नौकरी से बाहर निकाल दिया गया। जोन में जाने पर वहां के पदाधिकारी मारपीट कर भगा देते हैं। जान से मारने की धमकी देते हैं।

पैसा मांगने पर नौकरी से हटा दिया गया: दीपक

पटना के दीपक कुमार ने बताया कि उनका अपना 15 लाख रुपए अटका हुआ है। 2019 में जब उन्होंने जरूरतमंदों से बात की तब उन्हें संस्था विरोधी घोषित कर दिया गया और कंपनी से बाहर निकाल दिया गया। इतना ही भुगतान मांगते हैं तब उनके खिलाफ FIR कर दिया गया।

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