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भास्कर इन्वेस्टिगेशन पार्ट-3:अदालतगंज तालाब जब कचरा डंपिंग ग्राउंड से बन गया सैर-सपाटे की जगह, ताे बाकी क्यों नहीं

पटना10 दिन पहले
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पहले की हकीकत - Dainik Bhaskar
पहले की हकीकत

शहर का अदालतगंज तालाब कुछ दिन पहले कचरा डंपिंग ग्राउंड था। यहां पूरे इलाके के लोग कचरा फेंकते थे। इसके साथ नगर निगम की टीम भी आसपास के इलाके की सफाई कर कचरा डंप कर देती थी। इससे निकलने वाली दुर्गंध से इलाके के लोग परेशान थे। लेकिन, सरकार के एक फैसले ने इलाके का कायाकल्प कर दिया। वर्तमान में शहर का यह सबसे बेहतरीन तालाब बन गया है।

राज्य सरकार की रजामंदी से स्मार्ट सिटी योजना के तहत अदालतगंज तालाब का जीर्णोद्धार किया गया। 4 दिसंबर 2021 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसका उद्घाटन किया। अधिकारियों के मुताबिक सफाई के दौरान तालाब से करीब 300 डंफर कचरा निकाला गया था। इसका कुल क्षेत्रफल 11368 वर्गमीटर है। इसमें 7834 वर्गमीटर जलीय क्षेत्र है।

इसको संवारने में 1062 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इसके साथ ही शहर के बीच में लोगों को एक बेहतर पर्यटन स्थल मिल गया है। इसमें नौजवान व बुजुर्गों को टहलने व बच्चों को खेलने आदि व्यवस्था की गई है। अगर सरकार चाहे तो अदालतगंज की तरह अन्य तालाबों की बदल तस्वीर सकती है।

वर्तमान स्थिति
वर्तमान स्थिति

बांसघाट के सामने 5 एकड़ के तालाब से अतिक्रमण हटाने के लिए दिया नोटिस
बांसघाट के दक्षिण पांच एकड़ में पुराना तालाब है। इस तालाब से अतिक्रमण हटाने के लिए करीब 54 लोगों को नोटिस दिया गया है। इसमें स्थायी के साथ अस्थायी अतिक्रमण है। अशोक राजपथ स्थित काली मंदिर से बुद्धा कॉलोनी मोड़ के बीच फैला तलाब सड़क से नहीं दिखता। अंचल कार्यालय के मुताबिक बांस घाट के दक्षिण तालाब की जमीन पर सभी दुकानें हैं। इसके लिए अतिक्रमणवाद चलाकर लोगों का पक्ष सुना गया है। तोड़ने की कार्रवाई शुरू होने के पहले मामला न्यायालय में पहुंच गया। अब न्यायालय का फैसला आने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।.

इनसे सीखिए तालाब की कद्र

भोपाल - पार्क की तरह देखभाल
भोपाल में बड़ी झील और तालाबों के मेंटनेंस का काम नगर निगम द्वारा किया जाता है। यहां 247 करोड़ की भोज वेटलैंड परियोजना 1995 से 2005 तक चली। इस योजना के तहत तालाब के संरक्षण के काम हुए। नगर निगम हर साल लगभग 5 करोड़ रुपए इसके रखरखाव पर खर्च करता है। भोपाल में तालाब बचाने के लिए वेटलैंड रूल्स बनाए गए हैं इन्हें मास्टर प्लान के जरिए लागू किया जाएगा। नगर निगम की ओर से बीच-बीच में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई चलती रहती है।

भुवनेश्वर - अलग से मास्टर प्लान
भुवनेश्वर में भी नगर निगम की ओर से वहां 85 तालाबों के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इस साल इसे तैयार कर लागू कर दिया जाएगा। सभी तालाबों की बेंचमार्किंग करा ली गई है। साइनेज लगाने के साथ उसकी नापी आदि करा ली गई है। इसे नगर निगम के वेबसाइट पर भी उपलब्ध करा दिया गया है ताकि आम आदमी को हर तालाब के बारे में जानकारी हो। ऐसी व्यवस्था की गई कि अगर कोई इस पर अतिक्रमण करे, तो तुरंत आम आदमी इसकी शिकायत नगर निगम में करे।

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