तालाब चोरी की सच्चाई:तालाब खाेजने पहुंची जांच टीम ताे उसकी जमीन पर बने दिखे 41 मकान

पटना10 महीने पहले
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अवैध मकानों पर लगाया लाल निशान, जारी होगा नोटिस - Dainik Bhaskar
अवैध मकानों पर लगाया लाल निशान, जारी होगा नोटिस

पटना जिले में अवैध कब्जा वाले 342 तालाबों की खोज जारी है। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह द्वारा गठित जांच टीम तीसरे दिन शुक्रवार काे नंदलाल छपरा पहुंची। यहां नक्शे में दो तालाब हैं। एक का खेसरा नंबर 211 और दूसरे का 46 है। इसका कुल रकबा 5.68 एकड़ है। यहां सुबह 10:30 बजे सदर डीसीएलआर शशिशेखर सिंह के नेतृत्व में टीम नापी करने पहुंची। तालाब पर 41 स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण पाया गया है। अतिक्रमण कर बनाए गए सभी मकान पर लाल निशान लगाया गया। इन मकानों के मालिकों को नोटिस जारी किया जाएगा।

बादशाही पईन से पूरब खेसरा नंबर 211 वाले तालाब की जमीन पर 10 पक्के और 11 करकट के मकान पाए गए। इस तालाब से उत्तर अपार्टमेंट के निर्माण कार्य के लिए करकट का स्टोर रूम बनाया गया है। पूरब मंदिर है। स्थानीय लोगों के मुताबिक तालाब की जमीन पर बहुत पहले मंदिर का निर्माण हुआ है। इधर, बादशाही पईन के पश्चिम खेसरा नंबर 46 वाले तालाब की जमीन पर 15 पक्के व 5 करकट के मकान और मंदिर बना है। नापी शनिवार को भी होगी। इसके बाद नोटिस जारी कर पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद अतिक्रमण हटाया जाएगा।

कब्जा राेकने के लिए थानाध्यक्ष को लिखा पत्र

जिला मत्स्य पदाधिकारी मनीष कुमार श्रीवास्तव ने दो तालाब पर होने वाले अतिक्रमण को रोकने के लिए थानाध्यक्ष को पत्र लिखा है। 9 मई को दनियावां थानाध्यक्ष को लिखे जाने वाले पत्र में दनियावां गांव स्थित तालाब पर मिट्टी भरने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। इस तालाब पर स्थानीय मुखिया सहित अन्य लोगों द्वारा कब्जा का प्रयास किया जा रहा है।

इस तालाब का खाता संख्या 451 और रकबा 8.81 एकड़ है। इसकी बंदोबस्ती की गई है। इससे पहले 5 मई को खुसरूपुर थानाध्यक्ष को तालाब पर मिट्टी भरकर अतिक्रमण करने वाले के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। इस तालाब का खाता संख्या 97 और रकबा 7.41 एकड़ है। इस तालाब पर नालंदा जिला के नगरनौसा थाना निवासी गोरख प्रसाद के साथ वकील साहब सहित अन्य लोगों के द्वारा मिट्टी भरकर अवैध कब्जा का प्रयास किया जा रहा है।

'तालाब की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए सभी भूमि सुधार उपसमाहर्ता के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। तालाब की नापी कर अतिक्रमणमुक्त कराने का निर्देश दिया गया है। दोबारा अतिक्रमण होने पर संबंधित थानाध्यक्ष और अंचलाधिकारी द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।'
-डॉ. चंद्रशेखर सिंह, डीएम

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