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  • When Virtual Monitoring Of Flood Rescue Works Started, Then There Was A Disturbance, If The Work Is Being Asked To Show The Work In The Video Investigation, Then The Deficiency Should Be Hidden, Warning Of Action

वर्चुअल मॉनिटरिंग:बाढ़ से बचाव के कामों की वर्चुअल मॉनिटरिंग शुरू हुई तो दिखी गड़बड़ी, वीडियो जांच में काम दिखाने को कहा जा रहा तो कमी छिपा रहे, कार्रवाई की चेतावनी

पटना13 दिन पहले
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  • सचिव खुद गोपालगंज के तटबंध में हेरफेर देख चुके, अब समस्तीपुर के वीडियो में खुला खेल तो भेजनी पड़ गई टीम

बाढ़ से तबाह होने वाले बिहार में इसे बचाने की तैयारी का खेल एक बार फिर खुला। गोपालगंज में बाढ़ पूर्व निर्माण कार्य में गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद भी यह खेल चल रहा था। जल संसाधन सचिव खुद जाकर वहां की गड़बड़ी देख चुके। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक संज्ञान ले चुके। मुख्य सचिव खुद मॉनिटरिंग के लिए मजबूर हैं। फिर भी। इसी वर्चुअल मॉनिटरिंग के दौरान समस्तीपुर में इंजीनियर दूर से वीडियो दिखा रहे थे। नजदीक से काम दिखाने को कहा गया तो बहाना करने लगे। हिदायत भी दी, तब भी। अंत में शनिवार को इस जगह काम की गड़बड़ी मानते हुए वरीय इंजीनियरों की टीम भेजी गई तो सच सामने आ गया।

उधर, जल संसाधन विभाग ने सभी जोन में 15 जून तक सारे काम पूरे कर लेने को कहा है। इसके पहले तक काम खत्म न होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई होगी। विभाग ने पहले 15 मई की समय सीमा दी थी। काम पूरा नहीं होने पर उसे बढ़ाकर 31 मई किया गया था। लेकिन काम फिर भी खत्म नहीं हो पाया तो उसे 15 जून किया गया है। विभाग ने बाढ़ पूर्व के सारे कार्यों को लेकर किसी प्रकार की गड़बड़ी पकड़े जाने पर संबंधित इंजीनियर और निर्माण एजेंसियों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्हें समय सीमा में काम करने को कहा गया है।

कोरोना, यास और जलस्तर की परेशानी के बाद जैसे-तैसे काम निबटाने का प्रयास

विभाग की 298 योजनाओं का चयन, अबतक 240 ही पूरा

जल संसाधन विभाग ने बाढ़ पूर्व की 298 योजनाओं का चयन किया है। इसके लिए 1100 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई है। इसी में नेपाल से जुड़ी योजनाओं को भी शामिल किया गया है। इनमें से अबतक 240 काम ही पूरा हो पाया है।

विभाग अधिक सतर्क है, क्योंकि सीएम खुद कर रहे कार्याें की समीक्षा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। वे लगातार संबंधित विभागों जल संसाधन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग और पथ निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हैं। सोमवार को भी वे फिर से कार्यों की मॉनिटरिंग करेंगे।

समय पर पूरा नहीं हुआ काम, पहले कोरोना फिर यास ने किया परेशान

जल संसाधन विभाग ने 15 मई तक की अवधि बाढ़ पूर्व कार्यों को पूरा करने के लिए निर्धारित की थी। लेकिन, अचानक कोरोना के कारण पूरा विभाग प्रभावित हो गया। इससे काम लगभग ठप सा हो गया। इसके बाद विभाग ने 31 मई की समय सीमा तय की, लेकिन 25-26 से यास के कारण काम में परेशानी हुई। पहले आंधी-तूफान ने और फिर नदियों में आए पानी के कारण काम रोकना पड़ा।

किसी स्तर पर गड़बड़ी स्वीकार्य नहीं काम की गुणवत्ता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी स्तर पर गड़बड़ी स्वीकार्य नहीं है। ऐसे मामलों में हम कड़ी कार्रवाई करते हैं। कार्यों की गुणवत्ता और उसकी मानिटरिंग हर स्तर पर नियमित रूप से की जाती है। खुद मंत्री व सचिव पूरी गंभीरता के साथ मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अभी तक काम संतोषजनक है।
-राजेश कुमार, इंजीनियर इन चीफ, जल संसाधन विभाग

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