पूर्णिया में अमित शाह के निशाने पर रहे लालू-नीतीश:गृहमंत्री बोले-नीतीश प्रधानमंत्री बनने के लिए RJD- कांग्रेस की गोद में बैठ गए

पूर्णिया2 दिन पहले

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पूर्णिया की सभा में 31 मिनट तक नीतीश और लालू पर बरसे। शुरुआत में नारों की धीमी आवाज पर उन्होंने कहा कि लालू के पेट में दर्द समझ में आता है, आप लोगों को क्या हुआ है। सीमांचल जिलों में आया हूं तो लालू और नीतीश के पेट में दर्द होने लगा है। वे कह रहे हैं कि झगड़ा करवाएंगे। मैं कहता हूं कि ये काम आप लोग करते हैं, मेरी जरूरत नहीं है।

अमित शाह ने 2024 के लोकसभा का खाका भी खींच दिया। उन्होंने कहा कि सीमांचल के लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। यहां नरेंद्र मोदी की सरकार है। अपने भाषण में उन्होंने बिहार में जंगल राज लौटने पर सवाल किए। नीतीश कुमार के गठबंधन को तोड़ने को छुरा घोंपने पर घेरा। नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनने के लिए RJD और कांग्रेस की गोद में जाकर बैठ गए। पूर्णिया में अमित शाह के भाषण की 5 बड़ी बातें और उनके मायने...

लालू-नीतीश की जोड़ी बिहार को आगे नहीं ले जा सकती- शाह
लालू-नीतीश की जोड़ी बिहार को आगे नहीं ले जा सकती- शाह

सीमांचल में डरने की जरूरत नहीं

सीमांचल का इलाका नरेंद्र मोदी के भारत में है। सीमांचल के 4 जिलों के लोगों को कहना चाहता हूं कि यहां किसी को डरने की जरूरत नहीं है। मैं सभी को कहने आया हूं डरिएगा नहीं। यहां नरेंद्र मोदी की सरकार है। सीमांत जिलों में जनजातियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्हें भगाया जा रहा है। केंद्र से भेजे जाने वाली राशि नहीं मिल रही है।

इसके मायने: यह मुस्लिम बहुल इलाका है। सीमांचल के 4 लोकसभा क्षेत्रों में 30 से लेकर 70 प्रतिशत आबादी इसी समुदाय की है। सबसे ज्यादा लगभग 70% के वोटर्स केवल एक लोकसभा क्षेत्र किशनगंज में है। यहां पर RJD, JDU और AIMIM मुस्लिमों को भाजपा के नाम से डराती हैं। हिंदू आबादी जाति में बिखरी हुई है। अमित शाह ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं। एक मैसेज दिया कि मुस्लिमों को डरने की जरूरत नहीं है। दूसरा- हिंदुओं को मैसेज किया कि उन्हें मुस्लिमों से डरने की भी जरूरत नहीं है। जनजातियों के प्रति सहानुभूति जताकर साथ करने की कोशिश की।

नीतीश को धोखेबाज बताया

प्रधानमंत्री बनने के लिए RJD और कांग्रेस की गोदी में नीतीश बैठ गए। नीतीश कुमार ने जॉर्ज फर्नाडिस के साथ भी धोखा दिया। मांझी के साथ धोखा किया। अब बीजेपी को धोखा देकर लालू के पास चले गए। ये धोखा मोदी जी के साथ नहीं हुआ है। बिहार की जनता के साथ हुआ है। आपके (बिहार सीएम नीतीश कुमार) के पास केवल 2 लोकसभा सीटें थीं, 'ना घर के रहे थे, न घाट के'। 2024 के लोकसभा चुनाव आने दीजिए, बिहार की जनता लालू-नीतीश की जोड़ी का सफाया कर देगी। 2025 में भी भाजपा पूर्ण बहुमत से बिहार में सरकार बनाएगी।

इसके मायने: अमित शाह ने यह बताने की कोशिश की है कि नीतीश पर भरोसा नहीं किया जा सकता। वह किसी को भी अपने फायदे के लिए धोखा दे सकते हैं। इसलिए जनता उनसे सजग रहे।

जंगल राज शुरू हो गया है

जनसभा में अमित शाह ने लोगों से सवाल किया। बताइए, आपको जंगल राज चाहिए। फिर से अपहरण वाला राज्य चाहिए। फिर से जातीय हिंसा वाली सरकार चाहिए। अगर लालू सरकार में हैं तो कैसे कोई बचेगा। जिस दिन नई सरकार ने शपथ ली, उसी दिन से जंगलराज आ गया। नीतीश जी कहते हैं कि षड्यंत्र है। कौन षड्यंत्र कर रहा है। षड्यंत्र करने वाले सरकार में बैठे हैं। चारा घोटाला करने वाले मंत्री बनकर बैठे हैं।

इसके मायने: बेमेल गठबंधन पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने पूर्व में लालू सरकार के अन कंट्रोल क्राइम का हवाला देकर यह बताने की कोशिश की है कि इस सरकार में कोई सुरक्षित नहीं है। आरजेडी के सरकार में आने से क्राइम बढ़ा है। इस सरकार की वजह से जातीय हिंसा बढ़ेगी।

नीतीश की प्रधानमंत्री की दावेदारी पर

चारा घोटाले वाले आपकी सरकार में मंत्री बन गए। लालू के दबाव में यहां सीबीआई को रोकने की तैयारी की जा रही है। आप (नीतीश कुमार) कहते हैं प्रधानमंत्री बनेंगे। जिन पर सीबीआई का केस चल रहा है, उनके सहयोग से सरकार बनाएंगे। मंच से लोगों से पूछा कि क्या कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है। हमने कश्मीर से 370 हटाकर ठीक किया की नहीं। लालू-नीतीश कुमार एक बार कह दें कि गलत किया है।

इसके मायने: नीतीश कुमार भ्रष्टाचारियों को बचा रहे हैं। उनके भरोसे प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं।

देश का सबसे विकसित राज्य बनाएंगे

केंद्रीय गृहमंत्री ने मोदी सरकार का हिसाब भी दिया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को 1.50 लाख करोड़ केंद्र ने दिया है। उन्होंने 1.35 लाख करोड़ के कार्यों का हिसाब दिया। अमित शाह ने कहा कि अब तक आपने भाजपा को समर्थन दिया, लेकिन अब तक लगड़ी सरकार बनी है। आप भाजपा को पूर्ण बहुमत दीजिए, हम विकास की बयार बहा देंगे। देश का सबसे विकसित राज्य बनाएंगे।

इसके मायने: यह बताने की कोशिश की है कि बिहार के विकास के लिए केंद्र सरकार ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। विकास कार्यों का पूरा श्रेय भाजपा को देने की कोशिश की।

मंच पर हाथ में गदा लेकर शाह ने लोगों को अभिवादन किया।
मंच पर हाथ में गदा लेकर शाह ने लोगों को अभिवादन किया।

अपडेट्स:

  • देर शाम अमित शाह ने विधानमंडल दल के सभी नेताओं के साथ लगभग 1 घंटे तक बैठक की।
  • फिलहाल पार्टी के कोई नेता अंदर की मीटिंग का बाहर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। बस इतना कह रहे हैं कि उनके आह्वान को पूरे बिहार तक पहुंचाना है।

तेजस्वी ने कहा- अमित शाह का भाषण कॉमेडी शो

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण को राज्य के डिप्टी CM तेजस्वी यादव ने कॉमेडी शो बताया। वहीं भाजपा का कहना है कि कि कॉमेडी के पर्याय तो दुनिया के सामने लालू प्रसाद रहे हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि गृह मंत्री कह रहे थे बिहार को नंबर वन राज्य बना देंगे। हर जगह भेदभाव किया जा रहा है। अब तक बिहार को नंबर वन राज्य क्यों नहीं बनाया? शिक्षा विभाग में, ग्रामीण सड़कों के लिए पैसा नहीं दिया जा रहा है। इन लोगों के पास कुछ भी बोलने के लिए नहीं है। क्या भाषा है। जिस तरह के अमित शाह बोल रहे थे, हमें हंसी आ रही थी। एकदम कॉमेडी शो चल रहा था।

वहीं भाजपा के प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा है कि कॉमेडी का पर्याय तो लालू प्रसाद रहे हैं। ये पूरी दुनिया जानती है। बिहार उनके शासनकाल में मजाक बन गया था। लोगों को नीतीश-तेजस्वी सरकार देख कर पुराना लालू राज याद आ रहा है। लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव सहित महागठबंधन के सभी नेताओं को घबराहट हो रही है। अमित शाह के आने से सीमावर्ती क्षेत्रों में बिहार के लोगों को सुरक्षा का पुख्ता भरोसा हुआ है। साथ- साथ उन्होंने गरीब कल्याण योजनाओं को और भी मजबूत बनाने का काम किया है। पिछड़े क्षेत्र में विकास का रास्ता खोलने का काम किया है।

शाह की सभा में डेढ़ लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया गया है।
शाह की सभा में डेढ़ लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया गया है।

भाजपा प्रदेश कोर समिति के साथ करेंगे बैठक जनसभा के बाद शाह हेलिकॉप्टर से किशनगंज रवाना हो गए। किशनगंज के माता गुजरी देवी कॉलेज में शाम को बिहार भाजपा के सांसदों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों के साथ बैठक की। इसके बाद भाजपा प्रदेश कोर समिति की भी मीटिंग करेंगे। गृह मंत्री रात में किशनगंज में ही बिताएंगे। शनिवार को सुबह 9:30 बजे वे बूढ़ी काली माता मंदिर में दर्शन और पूजन करेंगे। वहीं 10:00 बजे SSB कैंप में बी.ओ.पी फतेहपुर का दौरा और फतेहपुर, पेकटोला, बेरिया, आमगाछी और रानीगंज बी.ओ.पी भवनों का उद्घाटन करेंगे।

12:00 बजे BSF कैंपस में BSF, SSB और ITBP महानिदेशकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीमा सुरक्षा पर समीक्षा बैठक करेंगे। उनका अंतिम कार्यक्रम 3:30 बजे माता गुजरी विश्वविद्यालय कैंपस में ही आजादी के अमृत महोत्सव पर आयोजित "सुन्दर सुभूमि" कार्यक्रम होगा।

मखाने की माला से शाह का स्वागत किया गया।
मखाने की माला से शाह का स्वागत किया गया।

धार्मिक ध्रुवीकरण के बहाने जाति पर चोट करने की तैयारी

बिहार के वरिष्ठ पत्रकार मणिकांत ठाकुर कहते हैं कि हमेशा जाति के फैक्टर को कम करने के लिए ध्रुवीकरण का सहारा लिया जाता है। अमित शाह की यही स्ट्रैटजी लोकसभा चुनाव में बिहार में हो सकती है। उन्हें पता है कि महागठबंधन में जाति BJP पर भारी पड़ सकती है। इसकी काट वे ध्रुवीकरण के सहारे निकाल सकते हैं। जैसे ही धार्मिक ध्रुवीकरण होगा। वे अपने मकसद में कामयाब हो सकते हैं। मुस्लिम वोट अलग-अलग पार्टियों में बंट जाएगी और हिन्दू उन्हें एकमुश्त मिल सकता है।

राज्य में सबसे ज्यादा मुस्लिम इसी क्षेत्र में

सीमांचल राज्य का एक ऐसा इलाका है जहां राज्य की सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी निवास करती हैं। राज्य भर में मुस्लिमों की आबादी 2011 की जनगणना के मुताबिक 16% है। सीमांचल के 4 लोकसभा क्षेत्रों में 30 से लेकर 70 प्रतिशत आबादी इसी समुदाय की है। सबसे ज्यादा लगभग 70% के वोटर्स केवल एक लोकसभा क्षेत्र किशनगंज में है। वहीं दूसरे स्थान पर कटिहार है, जहां मुस्लिम वोटर की संख्या 40 फीसदी, अररिया में 35 फीसदी, पूर्णिया में 33 फीसदी, ओवरऑल आबादी की बात करें तो ये लगभग 60-40 का रेशियो हो सकता है।

क्या ओवैसी की स्ट्रैटजी लागू करने शाह आ रहे सीमांचल: रोहिंग्या, बांग्लादेशी घुसपैठ के साथ धार्मिक ध्रुवीकरण की चल सकते हैं चाल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय दौरे पर बिहार हैं। वे पूर्णिया में एक मेगारैली और किशनगंजन में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इसके अलावा अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे।

मगर क्या शाह का बिहार दौरा यहीं तक सीमित रहेगा? या फिर कोई और खिचड़ी भी पकेगी? आखिर भाजपा ने रैली के लिए सीमांचल को ही क्यों चुना? वो यहां क्या करना चाह रही है? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए पढ़िए भास्कर की यह एक्सक्लूसिव रिपोर्ट