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यूनिक थीम...यूनिक संदेश:कई पूजा पंडालों में आस्था के साथ कोरोना से बचने और लड़ने की झांकी दे रही सीख

पटना2 महीने पहले
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पटना के आनंदपुरी के पूजा पंडाल में डॉक्टर को देवी स्वरुपा दर्शाया गया है। शहर के कई पंडालों में कोरोना महामारी से बचने के संदेश और टीके की अहमियत बताई गई है। - Dainik Bhaskar
पटना के आनंदपुरी के पूजा पंडाल में डॉक्टर को देवी स्वरुपा दर्शाया गया है। शहर के कई पंडालों में कोरोना महामारी से बचने के संदेश और टीके की अहमियत बताई गई है।

महामारी कोरोना के समतल होते ग्राफ के बीच, शक्तिस्वरूपा देवी की आराधना का काल ‘नवरात्रि’ गुरुवार को हवन के साथ संपन्न हो जाएगा। सालभर के अंतराल के बाद यह उत्सवी माहौल आया तो गुजरे दिनों को भूल लोग बेखौफ होकर निकले। लेकिन पूजा पंडालों ने उन दिनों की यादें ताजा कर दीं। जान तक गंवाकर कोरोना को काबू में करने वाले डॉक्टरों को देवी मां की प्रतिमूर्ति माना। राक्षसी महामारी के कारण क्वारेंटाइन की यादें ताजा कीं। वैक्सिनेशन के महत्व को दर्शाया। कुल मिलाकर संदेश साफ है... भूलें नहीं, याद करें। किसे? महामारी से जुड़ी हिदायतों को, दुर्दिन की दास्तानों को। हमारी जान बचाने में अपनी जान कुर्बान करने वाले 175 से अधिक बिहार के डॉक्टरों को।

महामारी के दौरान देश में सर्वाधिक मौतें हमारे डॉक्टरों की हुईं, फिर भी ऊफ किए बगैर वे मोर्चे पर डटे रहे। बच्चों से दूर रहे। पटना एम्स के डॉक्टरों ने तो वह हिम्मत दिखाई जो बिरले ही सुनाई पड़ती है। उन्होंने तो बच्चों पर वैक्सीन के ट्रायल के लिए अपने ही बच्चों को आगे कर दिया। समाज का बड़ा हिस्सा लोगों की मदद में आगे आया। हम सुरक्षित रहें यह सुनिश्चित करने के लिए पुलिस के जवान दिन-रात सड़कों पर डटे रहे। सबको सिर्फ एक ही भरोसा था-माता रानी की कृपा से बेड़ा पार हो जाएगा। दुर्दिन के बाद सुदिन आएगा।

डॉक्टर देवी मां, कोरोना राक्षस से हमें बचाने वाले डॉक्टरों का सम्मान, ये भी साक्षात शक्तिरूपा ही कोराना से लड़ते हुए 175 डॉक्टर शहीद, ये भी हमारे लिए पूज्य

आज शाम 6:52 बजे तक नवमी
नवमी तिथि पर मां की षोडशोपचार पूजा के बाद हवन होगा। नवमी तिथि की शुरूआज बुधवार को रात 8 बजकर 7 मिनट के बाद से हो गई और इसकी समाप्ति गुरुवार को संध्या 6 बजकर 52 मिनट पर होगी। इस अवधि में हवन पूजन श्रेयस्कर माना गया है।

हवन व कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
गुली काल मुहूर्त :- प्रातः 08:42 बजे से 10:09 बजे तक
चर मुहूर्त :- सुबह 10:09 बजे से 11: 35 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त :- दोपहर 11:12 बजे से 11:58 बजे तक
लाभ मुहूर्त :- 11:35 बजे से दोपहर 01:02 बजे तक
अमृत मुहूर्त :- दोपहर 01:02 बजे से 02:29 बजे तक

रावण वध कालिदास रंगालय में

  • 70 के बजाए 15 फीट ऊंचा होगा रावण, 13 फीट का मेघनाथ और 11 फुट का होगा कुंभकर्ण का पुतला
  • 14 अक्टूबर को लगातार पांच घंटे तक होगी संपूर्ण रामलीला, 15 को रावण वध और 16 को भरत मिलाप का होगा कार्यक्रम
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