पीरो नगर परिषद भंग, प्रशासक किए जाएंगेे नियुक्त:नगर आवास विभाग की कार्रवाई से समय से पहले वार्ड पार्षदों का भी कार्यकाल समाप्त

पीरो2 महीने पहले
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पीरो नगर परिषद कार्यालय। - Dainik Bhaskar
पीरो नगर परिषद कार्यालय।

पीरो नगर परिषद को नगर पालिका प्रशासन निदेशालय, नगर आवास एवं विकास विभाग ने तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। इसके भंग हो जाने के बाद पीरो नगर परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत 17 वार्ड पार्षदों का कार्यकाल समाप्त हो गया है। विभागीय निर्देश के अनुसार अब जल्द ही यहां पर एडीएम स्तर के पदाधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा।

इसे लेकर नगर आवास एवं विकास विभाग के द्वारा डीएम रोशन कुशवाहा को निर्देश दिया गया है। बिहार नगरपालिका अधिनियम की धारा 12 (8) के तहत उत्क्रमित नगर परिषद का कार्यकाल अधिसूचना निर्गत करने के 6 माह तक होता है। पीरो नगर पंचायत को नगर परिषद में उत्क्रमित करने के लिए इस वर्ष फरवरी में अधिसूचना जारी की गई थी।

इस तरह अगस्त में 6 माह का समय पूरा हो गया था। 6 माह के अंदर किसी कारण से चुनाव नहीं हो पाता है तो उसे भंग कर दिया जाता है। नगर पालिका की धारा 12 (9) के तहत नगर पंचायत को भंग करते हुए इसकी सभी शक्ति के प्रयोग करने का अधिकार प्रशासक को दे दिया जाता है।

सरकार के सचिव रामसेवक प्रसाद के द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार डीएम को जल्द ही प्रशासक नियुक्त करने का निर्देश दिया गया है। मालूम हो नगर पंचायत पीरो के अध्यक्ष का चुनाव विगत 6 माह पहले ही वार्ड पार्षदों के द्वारा किया गया था।

नगर आवास एवं विकास विभाग के इस आदेश के बाद नगर परिषद के चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो जाएगी। पूरे मामले को लेकर डीएम रोशन कुशवाहा का कहना है कि जल्द ही एडीएम को प्रशासक बनाया जाएगा। इसकी कार्रवाई जल्द पूरी की जाएगी ताकि कार्यों में दिक्कत नहीं हो सके।

8 माह पहले ही 17 वार्ड पार्षदों का कार्यकाल खत्म
पीरो नगर पंचायत जो अब नगर परिषद हो गया है में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष समेत 17 वार्ड पार्षद हैं। इन सभी का चुनाव कार्यकाल समय मई 2022 में पूरा हो रहा था। नगर परिषद भंग हो जाने के बाद ये सभी वार्ड पार्षद की शक्ति 8 माह पहले समाप्त हो गई है।

इन सभी के पावर का इस्तेमाल डीएम द्वारा नियुक्त किए गए प्रशासक के द्वारा की जाएगी। इधर, डीएम रोशन कुशवाहा ने बताया कि पीरो नगर परिषद को नगर आवास एवं विकास विभाग के द्वारा भंग कर दिया गया है। यहां कार्यों को चलाने के लिए एडीएम को प्रशासक बनाया जाएगा।

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