कार्यक्रम:जरासंध अखाड़ा के समीप मॉकड्रिल कर बताया भूकंप भगदड़ की स्थिति में जोखिम कम करने के तरीके

राजगीरएक महीने पहले
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राजगीर में  मॉकड्रिल में शामिल लोग - Dainik Bhaskar
राजगीर में मॉकड्रिल में शामिल लोग

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत एनडीआरएफ द्वारा जरासंध अखाड़ा के समीप भूकंप एवं भगदड़ की स्थिति में किये जाने वाले व्यवहार पर आधारित मॉक ड्रिल किया गया। कुमार बालचन्द्र उप कमाण्डेंट की निगरानी में 9 वीं बटालियन एनडीआरएफ की टीम ने डेमों के माध्यम से सारी बातों को समझाया। उप कमान्डेट कुमार बालचन्द्र ने बताया कि भूकम्प आने पर अपनाये जाने वाले सुरक्षात्मक पहलूओं तथा रेस्पांस मैकेनिज्म को भी बताया गया इसका अभ्यास करवाया गया। उन्होंने बताया कि आपदा को रोका नहीं जा सकता। लेकिन आपदा से पूर्व हमारी तैयारी, प्रशिक्षण तथा जागरूकता निश्चित तौर पर आपदा से होने वाले नुकसान को कम कर सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपदा आने पर घबड़ाये नहीं बल्कि सूझबूझ के साथ अपनी जिम्मेदारियों को निभाएं। उन्‍होने बताया कि सर्वप्रथम डेमो के माध्यम से आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलूओं की जानकारियों दी गई। घायलों को अस्पताल पूर्व चिकित्सा के विभिन्न पहलूओं जैसे रक्तश्राव नियंत्रण तकनीक, हृदयाघात तुरन्त बाद दी जाने वाली प्राथमिक उपचार हडडी टूटने के बाद प्राथमिक उपचार के तौर पर खपच्ची लगाने की तकनीक तथा घायलों को ले जाने की अलग-अलग तरीकों पर प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही, छात्रों से इस उपयोगी प्रशिक्षण का अभ्यास भी करवाया गया। स्टम्पैड होने पर क्या कारवाही करनी चाहिए उस पर एक डेमो देकर बताया गया कि इस तरह के आपदा के दौरान किस तरह से सुरक्षा उपाय अपनाना चाहिए और नुकसान को कैसे कम किया जाये।

जोखिम कम करने के लिए प्रबन्धन जरूरी
हरविन्‍दर सिंह, कार्यवाहक कमांडेंट एनडीआरएफ ने बताया कि विभिन्न प्रकार के आपदाओं में जोखिम को कम करने के लिए आवश्यक है कि आपदा प्रबंधन तैयारी तथा कार्यवाही योजनाओं को सुचारू रूप से तैयार किया जाए और इसे अमल में लाया जाए। इस अवसर एनडीआरएफ के निरीक्षक दीपक कुमार गुप्‍ता, एसडीओ अनीता सिन्हा, निरीक्षक अविनाश कुमार, बीडीओ मिथलेश बिहारी वर्मा, रेंजर अमृतधारी सिंह, सीओ संतोष कुमार चौधरी,सहित कई प्रशासनिक पदाधिकारी एवं कई विद्यालय के छात्र -छात्राएं और काफी संख्या में पर्यटक थे।

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