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आस्था:धर्म ध्वज हिलाकर किया पुरुषोत्तम मास का समापन

राजगीर8 दिन पहले
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  • कोरोना वायरस के कारण इस बार नहीं लगा मलमास मेला, श्रद्धालुओं के कुंड स्नान पर भी था रोक

नवरात्रि शुरू होने से एक दिन पहले ही अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) शुक्रवार को समाप्त हो गया। अधिक मास शुरू होने के दिन राजगीर के ब्रह्मकुंड क्षेत्र में गाड़ा गया धर्म ध्वज को हिलाकर तीर्थ पुरोहितों द्वारा अधिक मास समाप्त होने की घोषणा कर दी गयी। धर्म और अध्यात्म की पुरातन धरती राजगीर में अधिक मास इस वर्ष कई मायनों में यादगार रहा।

अधिक मास के अवसर पर केवल राजगीर में आदि अनादि काल से मलमास मेला का आयोजन किया जाता है। कोरोना महामारी के बढ़ते प्रभाव के कारण इस वर्ष मेला के आयोजन पर सरकार द्वारा रोक लगा दी गई थी। इस बार न सर्कस-थियेटर लगे न बाजार बसाया गया। तीर्थ यात्रियों से गुलजार रहने वाला सुप्रसिद्ध गर्म जलकुंड और मलमास मेला क्षेत्र पूरा महीना वीरान रहा।

यदि मेला का आयोजन होता तो भीड़ जमा होना लाजिमी थी। भीड़ जमा होती तो स्वाभाविक तौर पर सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन पुलिस और प्रशासन के बस से बाहर हो जाती। तब वैश्विक महामारी कोरोना का प्रभाव चरम पर हो सकता था। इसी संभावना से बचने के लिए शासन- प्रशासन द्वारा यह कदम उठाया गया था।

भीड़ से बचने और सामूहिक रूप से कुंड स्नान पर रोक लगाने के कारण ही सरकार के आदेश पर जिला प्रशासन द्वारा गर्मजल के कुंडों में ताला जड़ दिया गया था। ताकि कोई चाहकर भी कुंड स्नान नहीं कर सके। हालांकि बीच में गंगा यमुना और मार्कण्डेय कुंड को प्रशासन द्वारा स्नान के लिए खोल दिया गया था, जो अंत तक खुला रहा।

साधु-संतों का शाही स्नान रहा वर्जित : पहली बार साधु-संतों- महंतों का अधिक मास में शाही स्नान तक वर्जित किया गया। अधिक मास के आरंभ में होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने से भी साधु समाज को प्रशासन द्वारा रोका गया। पंडा कमेटी के सचिव विकास उपाध्याय ने बताया कि अधिक मास शुक्रवार को समाप्त हो गया। मुहूर्त के अनुसार रात्रि 1:20 में ध्वज को हिलाकर तीर्थ पुरोहितों द्वारा अधिक मास समाप्त होने की घोषणा भी कर दी गयी।
33 करोड़ देवी-देवताओं का होता है प्रवास : मान्यता है कि मलमास मेले में 33 करोड़ कोटि देवी-देवता राजगीर पधारते हैं। मेला अवधि में एक महीने तक यहीं विराजते हैं। मेले में यज्ञ, हवन, धार्मिक प्रवचन, स्नान के अलावा पिंडदान आदि किए जाते हैं।

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