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आफत की बाढ़:रजौली के कुम्हरुआ में घुसा बाढ़ का पानी, लोग छत पर रहने को मजबूर

रजौली15 दिन पहले
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बाढ़ का पानी गांव में चढ़ने के बाद घर से बाहर निकले लोग। - Dainik Bhaskar
बाढ़ का पानी गांव में चढ़ने के बाद घर से बाहर निकले लोग।
  • रजौली प्रखंड के जंगली क्षेत्र कुम्हारुआ में बाढ़ का पानी से बढ़ी परेशानी

रजौली के जंगली क्षेत्र में बाढ़ का पानी गांव में पहुंच गया और अफरा तफरी मच गई। बाढ़ के पानी के कारण दिनभर लोग हलकान रहे। यहां तक कि घर के चूल्हे भी नहीं जल पाए। मामला रजौली प्रखंड के जंगली क्षेत्र कुम्हारुआ की है जहां घरों व दुकानों में पानी घुस गया। इससे गांव के लोग मुश्किलों से घिर गए। घरों में पानी घुस जाने के कारण लोगों को ऊंचे जगह और छत पर आश्रय लेना पड़ा। हालत यह हो गई कि दोपहर 12 बजे तक लोगों के घरों में चूल्हे भी नहीं जले थे। लोग भूख से बिलबिलाते रहे। छोटे-छोटे बच्चों वाले घरों के लोगों को काफी परेशानियां हुई। दोपहर बाद बाढ़ के पानी का जलस्तर कम होने के बाद राहत मिलने के आसार दिखे। गांव के दर्जनों महिला-पुरुषों का आरोप है कि कुम्हरुआ गांव के किनारे पर जो डैम बना है। उस में बाढ़ का पानी भर गया था। डैम का वह पानी कुम्हरुआ व गिरगी, डुमरकोल गांव जाने वाले रास्ते में खुरी नदी पर बनी पुलिया के दोनों किनारों से होकर कुम्हरुआ गांव के घरों व दुकानों में घुस गया। ग्रामीणों का कहना था कि पंचायत के मुखिया द्वारा मनरेगा योजना से खुरी नदी पर 3.70 लाख रुपए की लागत से छोटी पुलिया का निर्माण कराया गया था।

जिसके कारण बाढ़ का पानी पुलिया के दोनों छोर से होकर गांव में घुस गया। अगर यह पुलिया 5-7 फीट और लंबी होती तो लोगों के घरों में बाढ़ का पानी नहीं जाता। पुलिया के रास्ते होकर नदी में चला जाता। लेकिन धमनी मुखिया धीरज कुमार की लापरवाही से गांव के लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। बतादें कि जिले में लोग बाढ़ के कारण कहीं परेशान हैु तो कहीं किसानों काे समय पर बारिश का पानी नहीं मिलने से रोपनी मेंे कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

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