सारण का आतंक झारखंड से पकड़ाया:55 हजार का इनामी कुख्यात राजेश सिंह खूंटी से अरेस्ट हुआ, दर्जनों हत्या-लूट में है वांटेड; अरेस्टिंग के वक्त भी पुलिस पर की थी फायरिंग

छपराएक वर्ष पहले
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गिरफ्तार राजेश पर बिहार सहित देश के कई राज्यों में आपराधिक घटना में संलिप्तता का आरोप है। - Dainik Bhaskar
गिरफ्तार राजेश पर बिहार सहित देश के कई राज्यों में आपराधिक घटना में संलिप्तता का आरोप है।

सारण पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिले के कुख्यात अपराधी राजेश सिंह को सारण पुलिस ने झारखंड के खूंटी से गिरफ्तार किया है। कुख्यात राजेश पर पुलिस मुख्यालय द्वारा 50 हजार का, जबकि सारण पुलिस द्वारा 5 हजार का इनाम रखा गया था। गिरफ्तार राजेश पर बिहार सहित देश के कई राज्यों में आपराधिक घटना में संलिप्तता का आरोप है। राजेश के साथ तीन अपराधकर्मी धर्मेंद्र तिवारी, हर्षित मिश्रा, और नागमणि सिंह की भी गिरफ्तारी हुई है।

सुपारी किलिंग और बैंक डकैती में मास्टरमाइंड है राजेश

राजेश के गिरफ्तारी के बाद कई तरह के आपराधिक घटनाओं का खुलासा हुआ है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि राजेश और इसके साथी सुपारी किलिंग और बैंक डकैती का मास्टरमाइंड है। जिला सहित बिहार और कई राज्यों में इसके द्वारा सुपारी किलिंग और डकैती के घटना को अंजाम दिया गया है। बिहार, उड़ीसा, महाराष्ट्र और झारखंड में इसके द्वारा मूल रूप से लूट और हत्या को अंजाम दिया जाता था। हाल में ही छपरा के पानापुर बंधन बैंक, महाराष्ट्र में पेट्रोल पंप से लूट और उड़ीसा में बैंक के लूट की जिम्मेदारी स्वीकार किया है। लूट की कुछ राशि की भी बरामदगी हुई है।

गिरफ्तार अपराधियों के साथ 4 पिस्टल, 13 जिंदा कारतूस, मोबाइल और मोटरसाइकिल भी बरामद किया है।
गिरफ्तार अपराधियों के साथ 4 पिस्टल, 13 जिंदा कारतूस, मोबाइल और मोटरसाइकिल भी बरामद किया है।

एकमा फौजी हत्या में राजेश ने की थी सुपारी किलिंग

एकमा के तिलकार में जमीनी विवाद को लेकर फौजी गजेंद्र मिश्रा के हत्या में भी राजेश और इसके सहयोगी अपराधकर्मी हर्षित मिश्रा ने संलिप्तता स्वीकारी है। राजेश ने पुलिस को बताया कि हर्षित के माध्यम से सुपारी लेकर सेना के जवान गजेंद्र को गोली मारकर हत्या कर दिया था। इस हत्या में प्रयुक्त पिस्टल और घटनास्थल से लूटी गई मोटर साइकिल भी बरामद किया गया है।

अन्तर्राज्यीय आपराधिक गुटों का सरगना है राजेश

गिरफ्तार कुख्यात राजेश बिहार सहित अन्य राज्यों में आपराधिक गुटों का सरगना माना जाता है। राजेश छोटे-छोटे गुट बनाकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता था। बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश, उड़ीसा, महाराष्ट्र में कई घटनाओ को अंजाम दे चुका है, जिसका अनुसंधान पुलिस द्वारा किया जा रहा है। अपनी गिरफ्तारी को लेकर पीछा करते गौरा ओपी प्रभारी पर भी राजेश ने हत्या के नियत से गोली चलाई थी, जो गोली एक महिला को लग गई थी।

विभिन्न हत्याकाण्ड में प्रयुक्त हथियार, मोबाइल और मोटरसाइकिल बरामद

गिरफ्तार अपराधियों के साथ 4 पिस्टल, 13 जिंदा कारतूस, मोबाइल और मोटरसाइकिल भी बरामद किया है। एकमा सहित कई हत्याकांड में इन हथियारों का उपयोग किया गया है। गिरफ्तार अपराधियों पर दो दर्जन से ज्यादा प्राथमिकी विभिन्न थानों में दर्ज है।

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