छपरा में ग्रेजुएशन की स्टूडेंट ने मां को दी मुखाग्नि:अंतिम इच्छा पूरी करने समाज का विरोध भी सहा, अब कर रही श्राद्ध के काम

छपरा16 दिन पहले
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मां माला गुप्ता के साथ राजनंदनी की फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
मां माला गुप्ता के साथ राजनंदनी की फाइल फोटो।

सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ते हुए छपरा में एक युवती ने मां को मुखाग्नि दी। साहेबगंज सोनार टोली निवासी राजनंदनी गुप्ता ने अपनेी मां माला गुप्ता की अंतिम इच्छानुसार उन्हें मुखाग्नि दी। राजनंदनी स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं और अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। राजनंदनी का यह काम पूरे जिला में चर्चा का विषय बन गया है।

भास्कर से बात करते हुए राजनंदनी ने बताया कि उनकी मां माला गुप्ता बीते दो सालों से बीमार थी। माता ने पहले ही इच्छा व्यक्त की थी कि उनकी मौत के बाद बेटी के हाथों ही मुखाग्नि दी जाए। अब राजनंदनी मृत्यु के बाद किए जाने वाले सभी संस्कार भी कर रही हैं।

अब राजनंदनी मृत्यु के बाद किए जाने वाले सभी संस्कार भी कर रही हैं।
अब राजनंदनी मृत्यु के बाद किए जाने वाले सभी संस्कार भी कर रही हैं।

नाना सुरेश प्रसाद ने बताया कि लड़की द्वारा मां को मुखाग्नि देने को लेकर मुहल्ले और आसपास के लोगो ने विरोध किया। लेकिन समझाने के बाद सभी सहमत हो गए। आज के जमाने में लड़का-लड़की में कोई अंतर नहीं है। राजनंदनी ने मुखाग्नि देकर समाज को नया संदेश दिया है।

पिता-बहन की हो चुकी मौत, अब परिवार में अकेली राजनंदनी
राजनंदनी के पिता मनोज गुप्ता की 6 साल पहले मौत हो गई थी। पिता की मौत से 3 साल पहले एक बहन की भी मौत हो चुकी है। राजनंदनी के परिवार में अब सिर्फ मां ही बची थी। मां की मौत के बाद वह अपने रिश्तेदारों के साथ रहेगी।