बैठक से रहीं गायब:11 महिला मुखिया को नहीं मिला चयन का अधिकार

सासाराम14 दिन पहले
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बैठक में शामिल महिला मुखिया के स्वजन। - Dainik Bhaskar
बैठक में शामिल महिला मुखिया के स्वजन।
  • करगहर प्रखंड की कुल 20 पंचायतों में 12 पंचायतों में मुखिया का चुनाव महिलाएं ही जीती हैं

करगहर प्रखंड के मुखिया संघ के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर शुक्रवार को बैठक हुई। यह बैठक काफी चर्चा में रहा। वजह रही महिला मुखिया के बदले उनके पति, पुत्र या ससुर का बैठक में शामिल होना। बता दें कि करगहर प्रखंड के कुल 20 पंचायतों में 12 पंचायत में मुखिया का चुनाव महिलाएं जीती हैं। उनमें से 11 पंचायतों की महिला मुखिया चुनाव को लेकर हुई बैठक से गायब रहीं। उन्हें संघ के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनने से भी वंचित रखा गया।

लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों का अधिकार सिर्फ नॉमिनेशन एवं जीत का प्रमाण-पत्र लेने एवं शपथ ग्रहण तक हीं सीमित है। इसके बाद 5 सालों तक उनके पति, पुत्र, ससुर या अन्य परिजन हीं मुखियागिरी करेंगे। महिला मुखिया को सिर्फ हस्ताक्षर के समय हीं उनके मुखिया होने का एहसास होता है। 50 फीसद आरक्षण के बाद भी महिलाओं की सत्ता की चाबी पुरुषों के हाथों में है। क्षेत्र के दर्जनों महिलाएं जिला परिषद सदस्य, मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य व पंच पद पर निर्वाचित होकर प्रमाण पत्र प्राप्त कर चुकी है। बावजूद आम जनता के बीच उनकी पहचान अबतक नहीं बन पाई है।

महिला जनप्रतिनिधियों को स्टांप की तरह किया जाता है प्रयोग
आधी आबादी के प्रतिनिधि बनने के बाद भी उनके स्वजन स्टांप की तरह प्रयोग करते हैं। महिला प्रतिनिधि को पांच वर्ष तक जनता का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलता है, लेकिन पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें अपने अधिकार की शत-प्रतिशत जानकारी नहीं हो पाती है। इसलिए सरकार को चाहिए कि आधी आबादी को अधिकार देने के साथ-साथ उसे मार्गदर्शक की भूमिका में आगे लाएं। क्योंकि आरक्षण के बाद भी महिलाएं पुरूष के हाथों की कठपुतली बनी रहती है।

महिला मुखिया में एकमात्र गुलबासो पाण्डेय रही शामिल
उक्त बैठक में सिर्फ बकसड़ा पंचायत की मुखिया गुलबासो पाण्डेय हीं शामिल रही। वहीं, ठोरसन पंचायत की मुखिया रीना देवी, सिवन की मीरा देवी, सेमरी की सजदा बेगम, करगहर की मनोरमा देवी, समरडीहां विभा देवी, भोखरी इंदु देवी, बड़हरी नागो देवी, रुपैठा ममता देवी, रीवां सरिता देवी, कल्याणपुर की उषा देवी एवं रामपुर पंचायत की मुखिया जूही कुमारी प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव में शामिल नहीं रहीं। इन सभी 11 महिला मुखिया के बदले में पति, पुत्र, ससुर या अन्य परिजन शामिल रहे। बैठक के दौरान गाइडलाइन का पालन भी नहीं किया गया। जनप्रतिनिधि एवं उनके प्रतिनिधिगण बिना मास्क के हीं बैठक करते रहे।

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