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जांच की गति बढ़ी:3740 लोगों की जांच में मिले 13 मरीज, 25 स्वस्थ, 215 लोगों का जारी है इलाज

सासाराम18 दिन पहले
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लोगों की जांच के लिए गांवों में पहुंची मेडिकल टीम। - Dainik Bhaskar
लोगों की जांच के लिए गांवों में पहुंची मेडिकल टीम।
  • पहले 2 हजार सैंपल टेस्ट किए जा रहे थे, अब रोजाना औसतन 4 हजार जांच
  • 18 से 44 साल के लोगों को टीकाकरण के लिए इंतजार करना पड़ रहा

जिले में कोरोना का प्रकोप कम होने लगा है। यहां के विभिन्न अस्पतालों और कोविड केयर केंद्रों में ज्यादातर बेड खाली पड़े हुए हैं। लगभग हर अस्पताल में ऑक्सीजन उपलब्ध है। दवाइयां और इंजेक्शन की कालाबाज़ारी की खबरें भी लगभग कम हो गई हैं।बस थोड़ी कसर जो रह रई है वो कोरोना के टीके से जुड़ी है।

कोरोना के टीके कम पड़ रहे हैं। वैक्सीन की कमी के कारण 18 से 44 साल के लोगों को टीकाकरण के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि अब तक 2 लाख 71 हजार 466 लोगों को टीका लगाया जा चुका है। जिसमें 128249 पुरुष तथा 97765 महिलाएं शामिल हैं।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा रविवार को जारी किए गए कोरोना रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में 3740 लोगों की जांच की गई जिसमें 13 नए पॉजिटिव मरीज मिले हैं। जबकि इलाजरत 25 मरीजों ने कोरोना के खिलाफ जंग जीत कर स्वस्थ होने के बाद घर वापसी कर ली है। विभाग के जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी रितु राज ने बताया कि अब जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या घटकर 215 हो गई है। जिसमें से 186 मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। वही 29 मरीजों को कोविड केयर सेंटर में भर्ती कर इलाज की जा रही है। वर्ष भर में कुल संक्रमित ओं का आंकड़ा 13985 हो गया है। जबकि 13515 मरीजों ने स्वस्थ होने के बाद घर वापसी कर ली है। मृतकों का आंकड़ा 249 है।

संक्रमण रोकने के लिए कांटेक्ट ट्रेसिंग बढ़ाई गई

कोरोना संक्रमण रोकने के लिए जिले में कांटैक्ट ट्रेसिंग व जांच बढ़ा दी गई है। पहले जहां औसतन 2000 की जांच हो रही थी, वहीं अब यह जांच रोजाना 3500 से 4000 के पार की जा रही है। घर-घर व चौक-चौराहों पर सैंपल टेस्ट किए जा रहे हैं। डोर टू डोर सर्वे किया जा रहा है। कांटैक्ट ट्रेसिंग पर खास जोर है। कंट्रोल व कमांड सेंटर भी काम कर रहे हैं। अब अस्पतालों में आक्सीजन की कमी नहीं है। जिले में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। ट्रेसिंग के दायरे में आने वाले सभी लोगों की जांच की जा रही।यही कारण है कि जिले में संक्रमित कम मिल रहे हैं और रिकवरी रेट का लेवेल लगातार बढ़ते जा रहा है। सर्विलांस टीम की मजबूत व्यवस्था से ट्रेसिंग का काम बेहतर हो रहा है। कोविड अस्पतालों में भर्ती व होम आइसोलेट मरीजों की गहन मानीटरिंग की जा रही है। जिला प्रशासन संक्रमण रोकने के लिए आमजनों को जागरुक करने और कोविड 19 के प्रोटोकाल का पालन कराने के लिए देर रात तक काम कर रहा है। इसमें पुलिस की ड्यूटी कड़ी हो गई है।

उपयोगी है आरोग्य सेतु व कोविन एप

उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा लांच किए गए आरोग्य सेतु व कोविन एप को कोरोना से जंग लड़ने के मामले में एक मजबूत हथियार माना जा रहा है। सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन में कहा भी जा चुका है कि यह एप के उपयोगकर्ता की निजता को ध्यान में रखकर बनाया गया है। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए इस एप को उपयोगी बताया जा चुका है। वही टीकाकरण में अहम भूमिका है।

ट्रेसिंग, जांच व टीकाकरण पर बल

सिविल सर्जन डॉ सुधीर कुमार ने बताया कि कोरोना को हराने के लिए जिले में हर किसी से घरों में रहने, एक-दूसरे से दूरी बनाए रखने और संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर खुद को परिवार के दूसरे सदस्यों से भी अलग कर लेने की सलाह दी जा रही है। कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए कांटैक्ट ट्रेसिंग और ज्यादा से ज्यादा जांच व वैक्सिनेशन पर भी जोर दिया जा रहा है। कोरोना के खिलाफ सफल लड़ाई में इन उपायों को अहम माना जा रहा है।

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