सिस्टम लाचार:55 साल की मां, 32 साल के जवान बेटे काे टांग अस्पताल के लगाए चक्कर

सासारामएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
पीठ पर बेटे को ले जाती महिला । - Dainik Bhaskar
पीठ पर बेटे को ले जाती महिला ।
  • सदर अस्पताल में बीमार बेटे को पीठ पर लादकर 200 मीटर चली मां, एक्सरे कराने के लिए नहीं मिला स्ट्रेचर, चिकित्सक ने एक्स-रे की दी थी सलाह

जिला मुख्यालय सासाराम स्थित सदर अस्पताल में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां अपने नौजवान बेटे का इलाज कराने पहुंची मां को स्ट्रेचर या स्वास्थ्य कर्मी की मदद नहीं मिलने से वह अपने बीमार बेटे को एक्स रे कराने के लिए इधर उधर भटकते रही। जब उन्हें कोई मदद नहीं मिली तो अंत में अपने बीमार बेटे को पीठ पर लादकर एक्सरे कराने पहुंच गई। मां अस्पताल के ट्रामा सेंटर से अपने बेटे को पीठ पर लादकर 200 मीटर दूर ओपीडी बिल्डिंग में बने एक्सरे रूम में लेकर पहुंची। सबसे खास बात यह है कि सदर अस्पताल में 10 स्ट्रेचर और चार व्हील चेयर उपलब्ध है। इसके बावजूद भी किसी महिला को अपने नौजवान बेटे को अपने पीठ पर लादकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की घटना कहीं ना कहीं स्वास्थ्य विभाग के लचर व्यवस्था को प्रदर्शित करने के लिए काफी है।

चोट आने पर चिकित्सक ने एक्स-रे की दी थी सलाह
दरअसल, जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर नोखा प्रखंड के कदवां गांव रहने वाली प्रमीला देवी के बेटे योगेंद्र चौधरी को साइकिल से गिर जाने से पैर में गंभीर चोट आई थी। जिसके बाद उन्होंने नोखा के डॉक्टरों से संपर्क किया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। इसके बाद वे अपने नौजवान बेटे का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंची थी। सुबह बेटे को अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कर दिया। जहां जांच के बाद चिकित्सक ने एक्स-रे जांच कराने की सलाह दी थी। एक्सरे कक्ष ओपीडी बिल्डिंग में बना हुआ है। जो ट्राम सेंटर से लगभग 200 मीटर दूर है। चिकित्सक के सलाह के बाद जब प्रमीला देवी को स्ट्रेचर नहीं मिला तो अपने बच्चे को पीठ पर लादा और एक्सरे कराने के लिए चल पड़ी।

सिविल सर्जन ने कहा
सदर अस्पताल में 10 स्ट्रेचर वह 4 व्हील चेयर उपलब्ध है। ऐसे में किसी मरीज को कोई परेशानी हो यह मुझे मंजूर नहीं है। मामला संज्ञान में आया है जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिस समय उक्त महिला अपने बेटे का इलाज कराने के लिए ऑटो से पहुंची थी। उस समय ट्रामा सेंटर में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर दोनों ही संसाधन उपलब्ध थे। इसके बावजूद भी उक्त महिला को स्ट्रेचर क्यों नहीं मिला इसकी जांच कराई जाएगी।​​​​​​​

खबरें और भी हैं...