लापरवाही:5.89 लाख टन लक्ष्य के विरुद्ध रोहतास में 28 दिनों में मात्र पांच प्रतिशत हुई धान की खरीद

सासारामएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
मोकर पंचायत के पिपरी गांव में खलिहान में रखा गया धान - Dainik Bhaskar
मोकर पंचायत के पिपरी गांव में खलिहान में रखा गया धान
  • अबतक 3914 किसानों से 34030.180 एमटी धान की हुई अधिप्राप्ति

रोहतास जिले में लक्ष्य के अनुरूप धान अधिप्राप्ति अब भी रफ्तार नहीं पकड़ रही है। समय बीतता जा रहा है, लेकिन जिले में धान खरीद की गति नहीं पकड़ पा रही है। खरीद की शुरूआत 15 नवंबर से हुई है, लेकिन अभी अधिकांश पैक्स अध्यक्ष धान खरीद में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है। जिले के 235 पैक्स व 12 व्यापारमंडल सहित 247 एजेंसियों को धान खरीद के लिए अधिकृत किया गया हैं। लेकिन प्रशासनिक उदासिनता के चलते आलम यह है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीद के लिए निर्धारित 5.89 लाख टन लक्ष्य के विरुद्ध अब तक महज 34030.180 टन धान की खरीद हो पाई है। जो लक्ष्य के मात्र 5 प्रतिशत है। जिले में इस बार धान बेचने के लिए 52242 से अधिक किसान रजिस्ट्रेशन करा अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासनिक सख्ती व सक्रियता के बाद 247 पैक्स व व्यापार मंडलों के माध्यम से अब तक महज 3914 किसानों से ही धान की खरीद हुई है। सूबे में धान खरीद के मामले में रोहतास जिला पहले स्थान पर चल रहा है। जबकि दूसरे और तीरसे नम्बर पर मधेपुरा और गया जिला है।

बिचौलियों के हाथों बेच रहे किसान धान
सरकारी स्तर में खान खरीद की गति सुस्त रहने से किसान बिचौलियों के माध्यम से धान बेच रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर किसान की दुश्वारियां इसलिए बढ़ गई कि उन्हें गेहूं की फसल बुआई को लेकर पैंसे की जरूरत होती है। किसानों के पास दूसरा कोई रास्ता नहीं बच रहा है। दूसरा विकल्प नहीं रहने से बिचौलिए नाजायज फायदा उठाते है।

अबतक 52242 किसानों ने किया है ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
धान अधिप्राप्ति 2021-22 की प्रकिया में शामिल होने के लिए अभी तक जिले में 52242 किसानों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया है। इनमें से 26956 रैयत किसान व 25286 गैर रैयत किसान शामिल हैं। इन किसानों में से पैक्स के माध्यम से धान बेचने के लिए 50405 किसानों ने अपनी इच्छा जाहिर कर आवेदन दिया है, जबकि 1837 किसानों ने व्यापार मंडल के माध्यम से धान बेचने के लिए आवेदन किया है।

खरीद में तेजी लाने की चल रही कवायद
प्रशासन के दबाव व खरीद एजेंसियों की सक्रियता के बावजूद मौसम के बिगड़ते मिजाज से धान अधिप्राप्ति अबतक पूरी गति नहीं पकड़ सकी है। जैसे-जैसे धान खलिहान में आ रहे हैं, किसान उसे पैक्सों पर पहुंचाना शुरू कर दिए हैं। इसके बावजूद लक्ष्य प्राप्ति पर संशय के बादल अभी छंटे नहीं हैं। गत वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो तमाम कवायदों के बावजूद रोहतास लक्ष्य से काफी पीछे रहा था।

17% तक नमी वाले धान लिए जाएंगे
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि धान क्रय की सभी प्रक्रियाएं पूरी कर खरीदारी शुरू कर दी गई है। एजेंसियों को मानक के अनुरूप धान अधिप्रप्ति सुनिश्चि करने के निर्देश दिए गए है। जिसमें कहा गया है कि धान अधिप्राप्ति के लिए लिए 17 प्रतिशत नमी का मानक तय किया गया है। इससे अधिक होने पर वैसे किसानों से धान क्रय नही किया जाएगा। धान क्रय करने वाले पैक्सों के पास गोदाम व वेइंग मशीन का होना अनिवार्य है। ​​​​​​​


खबरें और भी हैं...