पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

अवैध खनन:अधिकृत एजेंसी के सरेंडर करते ही अवैध खनन में सक्रिय हुए सभी बालू माफिया

सासारामएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

कोविड-19 के कारण विगत वर्ष हुए लॉकडाउन ने उद्योग जगत से लेकर से लेकर ठेका कंपनियों तक की आर्थिक स्थिति खराब कर दी है। अभी वे इससे उबरने की कोशिश हीं कर रहे थे कि कोरोना के दूसरा स्ट्रेन ने फिर से उन्हें बैकफुट पर जाने को मजबूर कर दिया। इसी आर्थिक परेशानी के वजह से सोन नदी से बालू उठाव के लिए अधिकृत एजेंसी आदित्य मल्टीकॉम ने सरेंडर कर दिया है। आदित्य मल्टीकॉम के सरेंडर करने के बाद बालू माफियाओं की चांदी हो गई है। फिर से वे अवैध खनन में हुए सक्रिय हो गए हैं। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से वे बालू घाटों से दिन के उजालों में बालू का अवैध खनन कर रहे हैं। बालू का खनन कर विभिन्न थानों के सामने से वे अपनी गाड़ी को ले भी जा रहे हैं लेकिन पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय संरक्षण प्रदान कर रही है।

ज्ञात हो कि बालू घाट कंपनी आदित्य मल्टीकॉम द्वारा तय समय से खनन विभाग को राशि नहीं जमा करने के कारण एक मई से जिले के सभी बालू घाट बंद हैं। बावजूद तिलौथू से लेकर नासरीगंज तक प्रशासन की आंखों में धूल झोकते हुए बालू माफियाओं द्वारा अवैध बालू घाट का संचालन कई स्थानों पर किया जा रहा है। प्रतिबंध के बावजूद दिन के उजाले में अवैध बालू घाट संचालन व अवैध बालू लदे ट्रैक्टर के परिचालन को लेकर स्थानीय पुलिस पर अंगुली उठने लगे हैं। इस आदेश के बाद भी ट्रैक्टर एवं ट्रकों से बालू बेरोकटोक ढोया जा रहा है। ओवरलोडेड ट्रकों द्वारा क्षमता से तीनगुना अधिक बालू लादकर यूपी में जाने का सिलसिला जारी है।

खबरें और भी हैं...