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प्रशासन:20 जुलाई तक अल्टीमेटम, जिले के 81 बकाएदार मिलरों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया हुई तेज

सासाराम10 महीने पहले
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सीएमआर जमा नहीं करने वाले जिले के 81 बकायदा मिलरों की संपत्ति शीघ्र नीलाम होगी। विभाग ने डिफाल्टर मिलरों को 20 जुलाई तक का समय सीएमआर जमा करने के लिए दिया है। निर्धारित समय तक सीएमआर जमा नहीं करने पर कार्रवाई तेज की जाएगी। इसके लिए राज्य खाद्य निगम ने बकाएदार मिलरों की सूची बना नीलामी संबंधी प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है, जिस पर डीएम का मुहर लगना बाकी है। जिसमें वित्तीय वर्ष 2012-13 व 2013-14 में धान अधिप्राप्ति के दौरान एकरारनामा में मिलरों द्वारा दी गई संपत्ति को नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ज्ञात हो कि एसएसफी द्वारा इसी वर्ष मार्च में संपत्ति नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू की थी।
अप्रैल में अनुमंडलवार तिथि भी तय की गई थी, लेकिन कोरोना को लेकर लॉकडाउन लागू होने के बाद नीलामी प्रक्रिया को अंतिम समय में स्थगित करना पड़ा था। एक बार फिर विभाग संपत्तियों को नीलाम करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया है।
एसएफसी के जिला प्रबन्धक भूपेन्द्र नारायण सिंह ने बताया कि बकाएदार मिलरों की संपत्ति को नीलाम करने संबंधी प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। जल्द ही डीएम से अनुमति ले तिथि तय कर नीलामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही 20 जुलाई तक  चावल जमा करने का समय दिया गया है। अगर उनके द्वारा चावल जमा नहीं किया जाता है तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। 
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में हो रही कार्रवाई: यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा अगस्त 2018 में पारित आदेश व जिला नीलाम समिति के पत्र के आलोक में की जा रही है। जिसमें एसएफसी बकाएदार मिलरों की संपत्ति नीलाम करने की कवायद का काम राज्य खाद्य निगम करेगा। वहीं इस वर्ष तय समय में चावल जमा नहीं करने वाले पैक्सों पर भी कार्रवाई करने की तैयारी में प्रशासन जुट गया है। एसएफसी अधिकारियों के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2012-13 व 2013-14 में धान अधिप्राप्त कार्य को ले चयनित बकाएदार मिलरों ने अबतक एकरारनामा के मुताबिक सीएमआर को जमा नहीं किया है। जिस कारण सरकार को करोड़ों रुपये की क्षति उठाना पड़ा है। इसे ले सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2018 में बकाया राशि को वसूल करने का आदेश दिया था। 
डिफॉल्टरों की सूची में शामिल है 81 बकाएदार मिलर: जिस आलोक में डेहरी अनुमंडल में 18, बिक्रमगंज में 17 व सासाराम अनुमंडल में 46 बकाएदार मिलर हैं, जिस पर सरकार का करोड़ों रुपये बकाया है। उन्हें बकाया राशि को जमा करने के लिए एसएफसी द्वारा कई बार पत्र भी भेजा गया, लेकिन वे अब तक जमा नहीं कर पाए हैं। जिनके विरूद्ध नीलाम पत्र भी दाखिल किया गया था।

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