आस्था:पारंपरिक विधान के साथ हुई चित्रगुप्त की पूजा-अर्चना

सासारामएक महीने पहले
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  • चित्रांश परिवार ने कंडा-दवात, कलम, कॉपी, पुस्तकों को रखकर कथा का किया श्रवण, भक्तिमय रहा माहौल

मसीभाजन संयुक्तश्चरसि त्वं! महीतले। लेखनी कठिनीहस्त चित्रगुप्त नमोस्तुते। चित्रगुप्त! नमस्तुभ्यं लेखकाक्षरदायकम्। कायस्थजातिमासाद्य चित्रगुप्त! नमोस्तुते के पवित्र श्लोकों के साथ भगवान चित्रगुप्त की पूजा शनिवार को पारंपरिक विधानों एवं रीति रिवाजों के साथ भक्तिपूर्ण माहौल में चित्रांश परिवारों ने की। कायस्थ विकास परिषद् के द्वारा शहर के कुराईच स्थित महावीर मंदिर स्थित चित्रगुप्त मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। इसके अलावे अन्य स्थानों में व्यक्तिगत रूप से कायस्थ परिवार के सदस्यों ने भगवान चित्रगुप्त की पूजा कर अपनी आस्था एवं भावना प्रकट की।

इस अवसर पर चित्रांश परिवार कांसे के कटोरे में शक्कर रखकर एवं आदि गुड़ मिश्रीत प्रसाद बनाकर अपने देव का ध्यान लगाये और मनोवांच्छित फल प्राप्ति की कामना की। लोगों ने अपने-अपने घरों में भी भगवान चित्रगुप्त की पूजा कर परंपरागत कंडा-दवात, कलम, कॉपी, पुस्तकों को स्वच्छता के साथ रख भगवान चित्रगुप्त की कथा का श्रवण किया। कागज पर चित्रगुप्त का चित्र बना पांच देवताओं के नाम अंकित किये गये। श्लोक लिख नीचे जमा-खर्चा का हिसाब लिखा गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अश्विनी कुमार चंदन एवं संचालन राकेश चंद्र सिन्हा ने किया।

इस मौके पर प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ो लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। मौके पर अरुण कुमार सिन्हा, विकास कुमार, मनोज कुमार सिन्हा, सन्नी, अंजनी कुमार, योगेंद्र श्रीवास्तव, सुमन सिन्हा, सुजीत श्रीवास्तव, विकाश श्रीवास्तव, उमेश प्रसाद श्रीवास्तव, विभाकर श्रीवास्तव, प्रमोद श्रीवास्तव, मृत्युंजय श्रीवास्तव उर्फ पिंकू, सूरज कुमार, शेखर सिन्हा, योगेंद्र सिन्हा, अनु सिन्हा, मनोज सिन्हा मिथलेश श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद थे।

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