लापरवाही:हंगामा व आपसी झड़प के बीच हो रहा खाद का वितरण

सासाराम2 महीने पहले
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3 खाद के लिए कतार में खड़े लोग। - Dainik Bhaskar
3 खाद के लिए कतार में खड़े लोग।
  • महिलाओं का आरोप:उन्हें रखा जाता है उपेक्षित, दस पुरुष पर एक महिला का नम्बर

प्रखण्ड के किसान यूरिया खाद के लिए वे इतने परेशान हैं कि हंगामा और आपस मे उलझने की नौबत तो आम बात हो गई है। इसके बाद भी अगले सुबह किसान बिस्कोमान भवन या अन्य दुकानों के सामने कतारबद्ध खड़े हो जा रहे हैं। सोमवार को बिस्कोमान भवन जयश्री के सामने किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। 12 बजते- बजते किसानों की भीड़ के साथ लंबी-लंबी कतारें लग गई। कतार में पुरूष के अलावे महिला किसानों की संख्या भी अधिक दिख रही थी। जिन पर तीखी धूप का भी असर बेअसर सदिख रहा था। वही कुछ लोग सेड नहीं होने से खुले आसमान में तीखी धूप की वजह छतरी के सहारे अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इस बीच अपनी बारी को लेकर कुछ किसान आपस में उलझ गए। अन्य किसानों द्वारा किसी तरह मामले को सुलझाया गया।

छह जगहाें पर बंट रखा खाद, सभी दुकानाें पर जुटी किसानाें की भीड़
खाद लेने आई प्रभावती देवी, कुसुम देवी, जगिया देवी, राम निवास, प्रभु यादव, जय प्रकाश सिंह, आजाद खान ने बताया कि खाद के लिए अक्सर लाइन के लोगों के बीच हाथापाई हो जाता है। पिछली बार भी दो दिन लगातार लोग आपस में उलझते रहे। हलाकि बिस्कोमान भवन में खाद आने पर ही क्षेत्र के किसानों को थोड़ी राहत मिलती है। देर - सबेर खाद मिल जाता है। गत रविवार को स्थानीय बाजार में घण्टों लाइन में लगने के बाद भी एक बोरी खाद नहीं मिल सका।

मांग के अनुरूप नहीं हाे रही आपूर्ति

चिलचिलाती धूप में सिर पर गमछा डाले किसान राजेन्द्र पासवान, राजनाथ सिंह ने बताया कि धान की बाली निकलने वाली है। समय पर खाद नहीं मिला तो खेती खराब हो सकता है। महिला किसानों का आरोप था कि उन्हें उपेक्षित रखा जाता है। दस पुरुष के बाद एक महिला को नम्बर मिलता है। यहां किसानों को सुलभ खाद उपलब्ध कराने का सारी प्रशासनिक दावे विफल हो रहे है। कई दिनों से किसान खाद के किल्लत से परेशान हैं। स्थिति यह है कि मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो रही है।

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