कार्रवाई:एसएफसी जिला प्रबंधक को डीएम ने किया शोकॉज

सासाराम2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
समीक्षा बैठक में उपस्थित डीएम धर्मेंद्र कुमार एवं अन्य। - Dainik Bhaskar
समीक्षा बैठक में उपस्थित डीएम धर्मेंद्र कुमार एवं अन्य।
  • कई प्रखंडों में विलंब से होती है खाद्यान्न की आपूर्ति, शिकायत के बावजूद नहीं होती थी दोषियों पर कार्रवाई

डीएम धर्मेंद्र कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को आपूर्ति संबधी कार्यों की समीक्षा बैठक की गई। डीएम ने बताया कि बैठक में सबसे पहले राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत माह नवंबर का एनएफएसए एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत खाद्यान एवं वितरण की समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि अभी तक संझौली प्रखंड में एक भी एसआइओ का डिस्पैच नहीं किया। वहीं, नौहट्टा, चेनारी एवं शिवसागर में डिस्पैच के लिए काफी कम संख्या में एसआइओ उपलब्ध है।

आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि एनएफएसए एवं पीएमजीकेएवाई का कुल जेनरेटेड 2814 एसआइओ के विरुद्ध 1792 एसआइओ को डिस्पैच किया गया है। 1022 डिस्पैच के लिए लंबित है। एसएफसी द्वारा नवंबर में अभी तक मात्र 53.88 प्रतिशत खाद्यान्न हीं जन वितरण के लिए पीडीएस डीलरों को आपूर्ति की गई है। डीएम ने बताया कि समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि परिवहन सह हथालन अभिकर्ता द्वारा एफसीआई से 100 प्रतिशत खाद्यान का उठाव किया जा चुका है। डीएम ने कहा कि संझौली, चेनारी एवं शिवसागर प्रखंडों में पीडीएस डीलरों को काफी विलंब से खाद्यान आपूर्ति की जाती है। पीडीएस डीलरों ने कई बार इसकी शिकायत राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक से की। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इससे स्पष्ट हुआ कि जिला प्रबंधक की मिलीभगत है। शिकायत के बावजूद दोषियों पर कार्रवाई नहीं करने के कारण एसएफसी के जिला प्रबंधक संतोष कुमार को शोकॉज किया गया है। जिलाधिकारी ने सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों तथा अनुमंडल पदाधिकारियों को यह निर्देश दिया गया कि भूमि विवादों को पूरी संवेदनशीलता, तत्परता एवं गहराई से जांच करते हुए त्वरित कार्रवाई करें। विभाग से संबंधित लंबित सीडब्ल्यूजेसी एवं एमजेसी को l प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने का कार्य करें।

खबरें और भी हैं...