समस्या बरकरार:डेहरी रोहतास पिपराडीह रेल लाइन निर्माण नहीं हाेने से राेहतास और नाैहट्टा के लोगों को आवागमन में होती है काफी परेशानी

सासाराम2 महीने पहले
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बंद पड़ी डेहरी रोहतास लाइन। - Dainik Bhaskar
बंद पड़ी डेहरी रोहतास लाइन।
  • आजादी के कई दशकों बाद भी नहीं बनी रेल लाइन, पूर्व में पिपरडीह तक थी रेल लाइन

देश आजाद होने का 74 साल गुजर गया। चुनाव पर चुनाव बीतते गया। लोग कैमूर पहाड़ी क्षेत्र के रोहतास एवम नौहट्टा प्रखण्ड की जनता से वोट लेकर सांसद और केन्द्र में उप प्रधानमंत्री, रेल मंत्री लोकसभा अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री तक की कुर्सी का शोभा बढ़ाते रहे, लेकिन डेहरी रोहतास पिपराडीह रेल लाइन नहीं बिछाया गया। कैमूर पहाड़ी क्षेत्र के इन दोनों प्रखण्ड के ग्रामीणों की यातायात की गंभीर समस्या की सुध किसी ने नहीं लिया न ही कभी किसी ने इस मार्ग पर रेल लाइन बिछाने के लिए सार्थक पहल किया। जनप्रतिनिधियाें ने एक नहीं अनेक बार आश्वासन दिया कि बहुत जल्द ही इस रेल लाइन का कार्य शुरू हाेने वाला है। रोहतास नौहट्टा के दिन बहुरने वाले हैं, लेकिन कार्य धरातल पर शुरू नहीं हाे सका।

कई बार सर्वेक्षण होने के बाद भी काम शुरू नहीं

इस रेल मार्ग का कई बार सर्वेक्षण भी हुआ, लेकिन काम एक इन्च भी नहीं हुआ । जिले के नौहट्टा एवं रोहतास प्रखंड को जोड़ने के लिए आजादी के 74 वर्ष बीत बीत गया लेकिन रेल लाइन नहीं बिछाया गया । रेल लाइन बिछ जाए तो इन दोनों प्रखंडों के गांव की तस्वीर आसानी से बदली जा सकती है। लोक सभा चुनाव में यह मुद्दा जरूर बनता है, परंतु चुनाव बाद इस पर अमल नहीं होता है। रोहतास उद्योग समूह द्वारा डेहरी से पिपरडीह तक रेल लाइन बिछा था।

नौहट्टा व रोहतास के लिए महत्वपूर्ण है रेल मार्ग

इस क्षेत्र की जनता के लिए महत्वपूर्ण डेहरी रोहतास पिपराडीह रेल मार्ग भी है। इस योजना को पूरा करने का वादा कर भूल जाने वाले जनप्रतिनिधियों को यह रेल मार्ग अभी भी मुंह चिढ़ा रहा है। जब-जब संसदीय चुनाव में उम्मीदवार जनता के बीच जाते हैं तब हर बार इसे पूरा करने का आश्वासन देते हैं। चुनाव समाप्त होते ही सांसद इस वादे को भूल जाते हैं। सासाराम संसदीय क्षेत्र में पड़ने वाले रोहतास के लोगों ने कई विभूतियों को जिताया है।

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