परेशानी:3700 एमटी डीएपी की खेप पहुंचने के बाद भी मारामारी, किसान हो रहे परेशान

सासारामएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
खाद को लेकर सड़क जाम करते किसान - Dainik Bhaskar
खाद को लेकर सड़क जाम करते किसान
  • अधिकारी के आश्वासन के बाद सड़क से हटे किसान तब जाकर यातायात हुआ शुरू

जिले में डाई खाद की किल्लत अब भी बरकरार है जिसके चलते किसानों को खाद के लिए मारामारी करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। 2 दिन पूर्व जिले को प्राप्त नवरत्न डीएपी का वितरण सोमवार से ही जिले के खुदरा उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से कराया जा रहा है। जहां एक बोरी खाद के लिए जद्दोजहद कर रहे किसान आपस में ही मारामारी करते देखे जा सकते हैं। मंगलवार को जिले के नोखा सहित कई जगहों पर डाई खाद को लेकर पहले तो किसान आपस में ही भिड़ गए उसके बाद राजमार्ग को जाम कर घंटों प्रदर्शन भी किया। विभागीय जानकारी के अनुसार पिछले 3 दिनों के भीतर नवरत्न कंपनी का डाई 1200 तथा इफको कंपनी का 2500 मीट्रिक टन डाई खाद रोहतास जिले को प्राप्त हुआ है। कुल मिलाकर 3700 एमटी डाई खाद सासाराम रैक पॉइंट से उर्वरक विक्रेताओं के पास पहुंचा है। लेकिन मंगलवार की स्थिति यह रही थी पर्याप्त डाई उपलब्ध रहने के बाद भी किसानों को जरूरत के अनुसार खाद नहीं मिल पाया।

1500 में बिक रहा नवरत्न डीएपी
कृषि विभाग लाख दावा कर ले लेकिन उर्वरक वितरण का जमीनी हकीकत प्रशासनिक दावों से अलग है। जिला कृषि पदाधिकारी की माने तो सभी उर्वरक विक्रेताओं को डीएपी या अन्य उर्वरक निर्धारित मूल्य पर बिक्री करने के लिए निर्देशित किया गया है। लेकिन जमीनी हकीकत की बात करें तो नावरत्ना के डीएपी का वितरण 1500 रुपए में किए जा रहे हैं। किसान मदन पांडेय, शिव शंकर पांडेय आदि ने बताया कि सासाराम के विभिन्न दुकानों पर खाद के लिए भटकने के बाद एक उर्वरक विक्रेता ने 15 साै रुपए प्रति बोरी के दर से नवरत्ना का डीएपी उपलब्ध कराया।

खाद के लिए नाेखा में तीन घंटे रही सड़क जाम
थाना क्षेत्र के आरा सासाराम मुख्य पथ पर खाद को लेकर के किसानों ने सड़क जाम कर दिया। किसानों का कहना है कि हम लोग कई दिनों से खाद के लिए दौड़ लगा रहे हैं। खाद मिल नहीं रहा है। जबकि कलाबाजारी में खाद डाई 12 सौ वाली 22 से 25 सौ में मिल रही है और यूरिया 266 की जगह पर 500 रुपए में बिक रही है।

समय पर गेहूं की नहीं होगी बुआई तो खराब होगी फसल
सड़क जाम कर रहे किसानों ने कहा कि समय पर हम लोगों की गेहूं की बुआई नहीं होगी तो गेंहू की फसल खराब हो जाएगी। किसानों का आरोप है कि हम लोग धान खरीदी नहीं जाती है ऊपर से खाद मांगते समय हम लोगों को मिलती नहीं है। आक्रोशित किसानों ने लगभग 3 घंटे तक सड़क जाम किया। जिनमें स्कूल वाहन पर बच्चे जाम में फसे रहे । हालांकि किसानों ने स्कूल के बच्चों की बस देखने के बाद जाम को हटाकर के बच्चों को घर पहुंचाने को कहा। किसानों का कहना है कि बच्चे हमारे घर के हैं बच्चों मरीजों की वाहन को कोई परेशानी नहीं होगी।​​​​​​​

खबरें और भी हैं...