गड़बड़ी:लाखों खर्च के बाद भी जलापूर्ति योजना का नहीं मिल रहा लाभ

सासाराम4 महीने पहले
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सतगलिया गांव में नियमों के विपरीत निजी भूमि में लगाया गया है पानी टंकी - Dainik Bhaskar
सतगलिया गांव में नियमों के विपरीत निजी भूमि में लगाया गया है पानी टंकी
  • मुखिया ने सतगलिया गांव में टंकी के निर्माण में अनियमिताओं की जांच की मांग की

रोहतास प्रखण्ड अन्तर्गत रोहतासगढ़ पंचायत के वार्ड नम्बर आठ सतगलिया टोला में रहने वाले ग्रामीण बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। प्यास बुझाने के लिए ग्रामीणों को शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। इस गांव में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा नल जल योजना के तहत पानी टंकी स्थापित किया गया है। पानी टंकी भी चालू हालत में है, लेकिन किसी भी ग्रामीण के घर तक न तो पाइप लाइन बिछा है और न ही नल का जल का आपूर्ति घर घर तक हो रहा है। ग्रामीणों को अब भी इंतजार है इस टंकी के पानी के घर तक पहुंचने का। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा किसी किसान के निजी भूमि पर पानी टंकी लगाया गया है। जिसके कारण भूस्वामी किसान द्वारा पानी टंकी को चारों तरफ से लोहा के कंटीला तार से घेरा बंदी करा दिया गया है। जिसके कारण प्यास बुझाने के लिए पीने का पानी लेने में ग्रामीणों को घोर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

गांव में चापाकल है ना कुंआ

उलेखनीय है कि इस गांव में न चापाकल है और ना ही कुंआ है। ऐसी स्थिति में इस गांव के ग्रामीण दो वर्ष पूर्व अवसानी नदी में चुआड़ी खोद कर पानी लाते हैं। फिर नदी में पहले से जमा गन्दा पानी जहां पशु पानी पीते हैं वहां से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते थे। कैमूर पहाड़ी क्षेत्र को जंगलों के रूप में जाना जाता है, लेकिन जंगली क्षेत्र में पीने का पानी का भयानक संकट उत्पन्न हो गया था।

कटीले तार काे पार करने में हाेती है परेशानी

कंटीले तार को पार करने में कई बार ग्रामीण महिला पुरुष जख्मी भी हो जाते हैं। लेकिन लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अभियंता सब कुछ जानते हुए अनजान बने हुए है। सबसे आश्चर्य जनक बात यह है कि जिस गांव में सरकार का सैकड़ों एकड़ भूमि बंजर है। उस गांव में सरकारी नियमों को ताक पर रख निजी भूमि में पीएचईडी द्वारा बोर कराया गया और पानी टंकी स्थापित किया गया। जबकि सरकारी प्रावधान के अनुसार नल जल का पानी टंकी सरकारी भूमि में लगाने का नियम है। इसके लिए अंचलाधिकारी द्वारा बजाप्ता अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत किया जाता है। लेकिन इन नियमों को शिथिल कर पीएचईडी द्वारा मनमानी कर किसी किसान के निजी भूमि पर सरकार के लाखों रुपये खर्च कर बोर कराया गया और फिर पानी टंकी भी बैठा दिया गया, लेकिन किसी ग्रामीण के घर तक नल का जल नही पहुंच सका। बोर पानी देता है, टंकी में भरा जाता है, लेकिन ग्रामीणों के घर में सप्लाई नहीं किया जाता है।

मुखिया ने याेजना जांच की मांग
रोहतासगढ़ पंचायत के मुखिया नगेन्द्र यादव ने सतगलिया गांव में पानी टंकी के निर्माण में पीएचईडी द्वारा बरती गयी अनियमिताओं का उच्चस्तरीय जांच जिला प्रशासन से कराने का मांग किया है। मुखिया श्री यादव ने गांव में लगे पानी टंकी से ग्रामीणों के घर घर में नल का जल आपूर्ति कराने का मांग किया है एवम दोषियों पर सख्त करवाई करने का मांग किया है ।

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