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कोरोना की जांच:बारिश के बाद डेंगू व मलेरिया की आशंका,चिकित्सीय परामर्श के अनुसार दवाइयां लें, वायरल समझ कर टालना होगा खतरनाक

सासाराम17 दिन पहले
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यास तूफान के कारण गत दिनों हुई बारिश के बाद कई जगहों पर पानी जमा हो गया है। ऐसे में वहां से डेंगू, मलेरिया जैसे मच्छर पैदा होते है। उसके बाद लोगों के सेहत पर असर पड़ना शुरू होगा। कोरोना के साथ साथ अन्य बीमारियों को भी गंभीरता से लेते हुए सेहत की देखभाल करनी होगी। बारिश के दौरान मच्छरों के बढ़ने से मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है। बारिश के बाद तापमान में बार-बार बदलाव की वजह से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सावधानी रखना जरूरी है। बुखार को अक्सर लोग वायरल फीवर समझ लेते हैं, और कभी-कभी डेंगू या मलेरिया के मरीज की स्थिति बिगड़ जाती है। अगर किसी भी तरह की दिक्कत लगे तो तत्काल अस्पताल पहुंच कर सबसे पहले कोरोना की जांच कराएं।

उसके बाद अन्य बीमारियों के लिए ब्लड जांच कराने के बाद चिकित्सीय परामर्श के अनुसार दवाइयां लें। वायरल समझ कर टालना बाद में खतरनाक साबित हो सकता है। बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा ठहरे हुए पानी में मच्छर पैदा होने की आशंका रहती है। डेंगू और चिकनगुनिया का मच्छर साफ पानी में और मलेरिया का गंदे पानी में पैदा होता है।

हर जगह पानी को पूरी तरह ढककर रखें। कूलर, बाथरूम, किचन आदि में जहां पानी रूका रहता है, वहां दिन में एक बार मिट्टी का तेल या मच्छर भगाने वाले स्प्रे डाल सकते है। सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ राधवेंद्र कुमार ने बताया कि अगर 102 डिग्री तक बुखार है, और कोई और लक्षण जैसे बेचैनी, चक्कर, लगातार उलटी, खून आना आदि हैं तो मरीज को तत्काल चिकित्सीय परामर्श की जरूरत है।

इसके अलावा बुखार आने के बाद जांच के बाद ही कोई दवाइयां लेनी होगी। मरीज के माथे पर पानी की पट्टियां रखें। पट्टियां तब तक रखें, जब तक शरीर का तापमान कम न हो जाए। अगर 102 डिग्री से ज्यादा बुखार, आंखों में तेज दर्द, पेट में तेज दर्द, चक्कर आना, बार-बार उलटी आना, नाक, मसूढ़ों, कान या शौच में खून आना, बेहद कमजोरी महसूस करना या बेहोशी आना, तो भी तुरंत डॉक्टर के पास ले जाकर इलाज कराना चाहिए।

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