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गुप्तेश्वरनाथ धाम में इस बार भी नहीं होगी कांवर यात्रा:सावन में हर साल उमड़ती है लाखों श्रद्धालुओं के भीड़; कोरोना के कारण लगातार दूसरी बार बाबा का पट रहेगा बंद, 6 जगह पर नाकाबंदी

सासाराम3 दिन पहले
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गुप्ताधाम के रास्ते में लगाया चेक नाका। - Dainik Bhaskar
गुप्ताधाम के रास्ते में लगाया चेक नाका।

रोहतास के चेनारी प्रखण्ड स्थित कैमूर पहाड़ी की गुफा में विराजमान भगवान गुप्तेश्वरनाथ धाम में इस साल सावन में कांवर यात्रा नहीं होगी। इसके साथ ही यहां लगने वाला सावन मेले का भी आयोजन नहीं किया जाएगा। गृह विभाग के आदेश के आलोक में रोहतास जिला प्रशासन ने बुधवार को यह निर्देश जारी किया। जिला प्रशासन ने भगवान गुप्तेश्वरनाथ धाम मंदिर कमेटी के साथ बैठक कर इसकी जानकारी दी। DFO प्रद्युमन गौरव ने कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार गुप्ताधाम मेले का आयोजन नहीं किया जाएगा। गुप्ताधाम सावन मेले में लाखों कांवर यात्री दूसरे जिलों और दूसरे राज्यों से आते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसको देखते हुए मंदरि कमेटी के साथ बैठक कर सभी को सूचित किया गया है।

उन्होंने बताया कि इसके बावजूद अगर दूर-दराज से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं तो उन्हें रोकने के लिए गुप्ता धाम के विभिन्न रास्तों पर 6 स्थानों पर चेक नाका लगाए गए हैं। चेकनाका 26 जुलाई से काम करने लगेंगे। पोस्टर एवं बैनर के माध्यम से भी लोगों को अवगत कराया जाएगा कि मेले एवं कांवर यात्रा का आयोजन इस बार नहीं होगा।

कैमूर पहाड़ी क्षेत्र, शाहाबाद से ले यूपी-एमपी के सीमावर्ती क्षेत्र सावन में लोग गुप्ताधाम कांवड़ लेकर आते रहे हैं। सावन के प्रत्येक सोमवारी को यहां प्राकृतिक शिवलिंग पर बक्सर से गंगाजल लेकर आएं कांवर यात्री जलाभिषेक करते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार भस्मासुर के भय से भागे भगवान शिव ने यहां पर भी शरण ली थी, जहां उनके प्राण भगवान विष्णु ने बचाए थे। इसी पौराणिक कथा के कारण पवित्र भूमि शिवभक्तों के लिए अराधना का केंद्र बना ।

रोहतास जिला के दक्षिणी छोर पर स्थित कैमूर पहाड़ी की इस गुफा में शिवभक्तों की भीड़ लगती रही है। यहां आने के लिए उगहनी, पनारी घाट और रेहल के तरफ से तीन रास्ते प्रचलित है। जिनमें कम-से-कम 12 किलोमीटर और ज्यादा-से-ज्यादा 20 किलोमीटर पैदल यात्रा के बाद वाहन सुविधा मिल पाती है। उगहनी घाट के रास्ते जाने पर एक ही नदी दुर्गावती को सात बार पार करना पड़ता है, जिसका पवित्र जल जलाभिषेक में उपयोग होता है।

यह लगातार दूसरा वर्ष है जब कोरोना माहामारी के कारण गुप्ताधाम कांवर यात्रा का आयोजन नहीं होगा और सावन में भक्तों के लिए मंदिर के पट बंद रहेंगें। 2020 में भी इसी कारण सावन मेले का आयोजन नहीं किया गया था।

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