पर्व:पुत्र की दीर्घायु के लिए माताओं ने किया जीवित्पुत्रिक व्रत

संझौली/ सूर्यपुरा/दावथ2 महीने पहले
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जियुतिया पर्व पर स्नान के लिए लालगंज नहर पर जुटी महिलाओं की भीड़ - Dainik Bhaskar
जियुतिया पर्व पर स्नान के लिए लालगंज नहर पर जुटी महिलाओं की भीड़
  • महिलाओं ने स्नान कर पूजा- पाठ की पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत का महत्व महाभारत काल से जुड़ा हुआ है

पुत्र-पुत्रियाें की दीर्घायु के लिए प्रखंड क्षेत्र में महिलाओं ने उपवास रह जीवित्पुत्रिका का व्रत किया। व्रत के माैके पर महिलाओं ने नदी,तालाब, पाेखराें में स्नान कर पूजा अर्चना किया। जिसके बाद कथा का श्रवण किया गया। संझाैली, खैरा भूतहा काली मंदिर प्रांगण, उदयपुर सूर्यमंदिर, चांदी इंगलिश अादि जगहाें पर महिलाओं ने स्नान कर पूजा पाठ की :पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत का महत्व महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। कहते हैं कि उत्तरा के गर्भ में पल रहे पांडव पुत्र की रक्षा के लिए श्रीकृष्ण ने अपने सभी पुण्य कर्मों से उसे पुनर्जीवित किया था। तब से ही स्त्रियां आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत के प्रभाव से भगवान श्री कृष्ण व्रती स्त्रियों की संतानों की रक्षा करते हैं। सिटी रिपोर्टर सूर्यपुरा/दावथ के अनुसार दावथ व सूर्यपुरा प्रखंड की माताओं द्वारा पुत्र के चिरंजीवी होने की कामना को लेकर मनाया जाने वाला जीवित पुत्रिका व्रत बुधवार को परंपरागत रूप से मनाया गया। इस मौके पर व्रती माताओं ने निर्जला उपवास रखकर भगवान जीमूत वाहन की विधिवत पूजा-अर्चना एवं जीवित पुत्रिका व्रत कथा का नियमानुसार श्रवण किया। इसके लिए जगह-जगह व्रती माताओं की भीड़ जुटी थी। कई स्थानों पर व्रतियों ने परंपरानुसार भगवान सूर्य को भी अ‌र्ध्य अर्पित किया। ऐसी मान्यता है कि व्रत रखने वाली माताओं के पुत्र दीर्घजीवी होते हैं और उनके जीवन में आने वाली सारी विपतिया स्वत: टल जाती है। दावथ में निर्जला उपवास के बाद महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से जीवित पुत्रिका व्रत कथा का श्रवण किया गया।

बभनौल, मिर्जापुर, डेढ़ गांव,उसरी ,सुंदर, समेत अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में माताओं ने निर्जला व्रत रख काव नदी, तालाब व अन्य जलाशयों में स्नान कर भगवान भास्कर को अ‌र्घ्य दे पूजा अर्चना कर पुत्र की दीर्घायु होने की मंगल कामना की। शाम ढलते ही प्रखंड के विभिन्न जलाशयों में महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। नेनुआ के पता पर जिउतिया धागे में सोने एवं चांदी का गुथाकर अरवा चावल के अछत लेकर पारंपरिक रीति रिवाज के साथ पूजा अर्चना की। इस दौरान माहौल भक्तिपूर्ण बना रहा।पंडित चारोधाम मिश्रा ने बताया की अपने पुत्र के दीर्घायु होने की कामना के साथ माताओं द्वारा कई तरह के व्रत उपवास किये जाते हैं, लेकिन इनमें जीवित पुत्रिका व्रत का अलग महत्व है।

नासरीगंज : महिलाओं ने नदी में स्नान कर जीवित पुत्रिका व्रत कर कथा श्रवण किया

नासरीगंज प्रखण्ड व नगर क्षेत्र में जीवित्पुत्रिका व्रत के अवसर पर सोन नदी तट पर सैकड़ों की संख्या में महिलाओं नदी में स्नान कर जीवित पुत्रिका व्रत कर कथा श्रवण किया। पुत्र के दीर्घायु एवं लंबी उम्र की कामना को लेकर बुधवार को नगर व प्रखण्ड स्थित सूर्य मंदिर पर महिलाओं ने जीवित्पुत्रिका का निर्जला व्रत रखा। इस अवसर पर पंडित मनीष कुमार शास्त्री ने बताया की समस्त नगर व प्रखण्ड क्षेत्र की महिलाएं जीवित्पुत्रिका के दिन सैकड़ों की संख्या में यहां सोन नदी में स्नान कर अपने पुत्र की लंबी उम्र की कामना करती हैं। उसके बाद मंदिर पर जीउतिया का कथा वाचन किया जाता है जिसे महिलाएं कथा श्रवण कर जिउतिया धारण करती है। पूरे दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं तथा नवमी में इसकापारण किया जाता है।उक्त त्योहार को ले चहुओर भगतिमय माहौल बना रहा।

राजपुर : श्रद्धालु माताओं ने जीवित्पुत्रिका का उपवास रख की कामना

क्षेत्र में जीवित्पुत्रिका का त्यौहार श्रद्धालु माताओं ने पूरे विधि विधान के साथ हर्षोल्लास से मनाया। श्रद्धालु माताओं द्वारा पुत्र पुत्रियो के लंबी आयु की कामना को लेकर आज के दिन निर्जला व्रत का उपवास रखा । नदी सरोवर में स्नान ध्यान कर माताओं द्वारा जीमूतबंधन डोरे को लेकर गरुड़ भगवान तथा भगवान जीमूतवाहन को आह्वान कर उनकी विधि विधान के साथ पूजा आराधना भक्ति भाव आस्था विश्वास के साथ किया। पुत्र पुत्रियों की दीर्घायु के लिए बनाए गए वाहन डोरी को अपने गले में धारण किया।इस दौरान श्रद्धालु माताओं ने चिल्हो सियारन की कथा श्रवण किया। इससे पहले माताओ ने अपने पास औठघन रखने की परंपरा को बखूबी निभाया। पुत्र पुत्रियों के लंबी आयु की कामना किया।

काराकाट : 24 घण्टा महिलाओं ने रखी जीवित्पुत्रिका व्रत

प्रखण्ड के विभिन्न गांवों से जुड़े हजारों महिलाओं ने जीवित्पुत्रिका व्रत को लेकर 24 घण्टे का निर्जल उपवास रखा । जिउतवाहन भगवान की पूजा अर्चना कर पुत्र के दीर्घायु जीवन की कामना की। इसके पहले शाम को आहर नहर में स्नान कर वेदपाठी ब्राह्मणों से व्रत सम्बन्धी कथा का सामूहिक रूप से श्रवण किया। काराकाट के पुनिता देवी, संध्या देवी,मोहनपुर के राधा देवी सहित कई महिलाओं ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार आश्विन कृष्ण पक्ष अष्टमी को श्रद्धा व भक्ति के साथ धागा में पिरोए जीमूतवाहन भगवान की पूजा करने से उन माताओं की संतान दीर्घायु होती है ।

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