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खुले आसमान में ठिकाना:डेहरी स्टेशन पर यात्रियों के ठहरने के लिए ठीकाना नहीं

सासाराम10 दिन पहले
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डेहरी रेलवे स्टेशन के बाहर टैक्सी स्टैंड परिसर में यात्रा प्रारंभ करने से पहले सो रहे यात्री सुबह का इंतजार करते। - Dainik Bhaskar
डेहरी रेलवे स्टेशन के बाहर टैक्सी स्टैंड परिसर में यात्रा प्रारंभ करने से पहले सो रहे यात्री सुबह का इंतजार करते।
  • कोरोना का संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है, कई जगह तीसरी लहर ने आहट दे दी है

यह जिले के ग्रेड वन प्राप्त डेहरी ऑन सोन रेलवे स्टेशन का नजारा है। रात्रि पहर है और यात्री मंजिल मिलने से पहले सो रहे हैं। कोरोना को लेकर पिछले डेढ़ साल से ट्रेन के परिचालन पर व्यापक असर पड़ा है इसे सभी जानते हैं। बहुत सारे ट्रेन अभी भी सामान्य रूप से नहीं चल रहे हैं। कुछ ट्रेनों को कोविड स्पेशल बना कर चलाया जा रहा है। लेकिन यात्रियों की कमी नहीं देखी जा रही है। यात्री पहले की तरह ही यात्रा कर रहे हैं लेकिन उन्हें सुविधाएं पहले इतनी नहीं मिल पा रही है। डेहरी ऑन सोन रेलवे जंक्शन है। यहां दूरदराज से जब ट्रेन पकड़ने यात्री पहुंचते हैं तो कोरोना गाइडलाइन के अनुसार सभी यात्री को रेलवे स्टेशन परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाता है। भीड़-भाड़ से बचने के लिए जो ट्रेन आने वाली रहती है उसी से संबंधित यात्रियों को स्टेशन परिसर में रुकने दिया जा रहा है। ऐसी स्थिति में बहुत से सामान्य यात्री जिनका ट्रेन सुबह में है उन लोगों को फुटपाथ पर रेलवे स्टेशन के बाहर कुछ इस तरह से रात बितानी पड़ती है।
कोरोना में भी जमीन पर पड़े रहते हैं यात्री
कोरोना का संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है। कई जगह तीसरी लहर ने आहट दे दी है। ऐसे में जिस तरह से बेतरतीब लोग जमीन पर पड़े हुए हैं लापरवाही महंगी पड़ सकती है। इधर रेल यात्री बैजनाथ गोस्वामी सहित अन्य लोगों का कहना है कि रेल यात्रियों की परेशानी अभी भी कम नहीं हुई है।

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