मिलेगा लाभ:नगर निगम क्षेत्र में अब 500 क्विंटल तक ही खाद्य तेल स्टॉक कर सकेंगे जिले के व्यवसायी

सासाराम3 दिन पहले
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  • तेल व तिलहन का स्टॉक कर अधिक मुनाफा कमाने वाले व्यवसायियों में मचा हड़कंप

सरसों तेल, रिफाइन व अन्य खाद्य तेलों की कीमत को काबू में रखने के लिए सरकार ने स्टॉक सीमा तय कर दी है। नगर निगम क्षेत्र में व्यवसायी पांच सौ क्विंटल खाद्य तेल और एक हजार क्विंटल तिलहन का स्टॉक कर सकेंगे। इस संबंध में खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने अधिसूचना जारी की है। इससे तेल व तिलहन का स्टॉक कर अधिक मुनाफा कमाने वाले व्यवसायियों में हड़कंप है। डीएम धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार के खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा खाद्य तेल एवं तिलहन को लेकर जारी निर्देश के आलोक में जिले के तीनों अनुमंडलों के एसडीओ को पत्र जारी कर दिया गया है।

डीएम ने कहा कि अधिसूचना के अनुसार, जिले के नगर परिषद, नगर पंचायत एवं प्रखंड सहित ग्रामीण क्षेत्रों में 250 क्विंटल खाद्य तेल व 500 क्विंटल तिलहन के स्टॉक की मंजूरी दी गई है। इससे सरसों तेल, रिफाइन व अन्य खाद्य तेलों के अलावा सरसों, राई, तीसी, तोरी, सूर्यमुखी व मूंगफली आदि उत्पादों का स्टॉक निर्धारित मात्रा तक ही करना होगा। इससे अधिक स्टॉक करने वाले व्यवसायियों पर विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।

31 मार्च 2022 तक तक लागू रहेगा आदेश
डीएम ने बताया कि यह आदेश अधिसूचना जारी होने के तिथि से 31 मार्च 2022 तक तक लागू रहेगा। उन्होंने बताया कि खाद्य तेल व तिलहन की स्टॉक सीमा से विदेश से आयात-निर्यात करने वाले व्यवसायियों को छूट दी गई है। जारी अधिसूचना में सरकार के विशेष सचिव चंद्रशेखर द्वारा कहा गया है कि विदेश व्यापार करने वालों को स्टॉक सीमा की बाध्यता से अलग रखा गया है।

तेल-तिलहन स्टॉक कर अधिक मुनाफा कमाने वालों पर नकेल
खाद्य तेल व तिलहन की स्टॉक सीमा तय होने से तेजी के दौरान जमाखोरी कर अधिक मुनाफा कमाने वाले व्यवसायियों पर नकेल कसेगी। कीमत बढ़ने के दौरान बड़ी संख्या में थोक व खुदरा व्यवसायी सरसों तेल व रिफाइन का स्टॉक कर लेते हैं। इसके बाद कीमत उच्चतम स्तर पर पहुंचने पर तेल व रिफाइन की बिक्री की जाती है।​​​​​​​

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