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लापरवाही:जिले में मात्र 70 आभूषण दुकानों के पास ही भारत मानक ब्यूरो का है लाइसेंस

सासाराम7 दिन पहले
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  • एक जून से हीं आभूषणों पर हॉलमार्किग अनिवार्य, इसके बावजूद दुकानदार गंभीर नहीं

पहली जून से हॉलमार्किंग सोना की बिक्री को अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि भारत सरकार ने कोरोना के मद्देनजर थोड़ा वक्त देते हुए इसे 15 जून से लागू करने का आदेश दिया था। लेकिन अब भी राेहतास जिले के अधिकांश दुकानों में हॉलमार्क सोने के जेवरों की बिक्री नहीं की जा रही है। पूरे जिले भर में मात्र 70 आभूषण दुकानों को हीं भारत मानक ब्यूरों से लाइसेंस प्राप्त है।

जिसमें सासाराम के एमएम ज्वेलर्स, नयन ज्वेलर्स, पूरन ज्वेलर्स आदि शामिल हैं। सासाराम सहित जिले भर में अधिकांश दुकानों के आगे आपको बोर्ड पर लिखे हुए मिल जाएंगे कि यहां पर हॉलमार्क के गहने उपलब्ध हैं लेकिन, वह हॉलमार्क के नाम पर ग्राहकों को ठगने का काम कर रहे हैं। न वो उनके पास बीआईएस से मान्यता प्राप्त है और न हीं वो ग्राहकों को शुद्ध आभूषण देते हैं।

इस कारण जिले के ग्राहकों को शुद्ध सोने से वंचित रहना पड़ रहा है। अधिक मुनाफा के फेर में जिले भर में ऐसे अनेक सर्राफा कारोबारी हैं जो हॉलमार्क की अनिवार्यता का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। ग्राहकों में भी जागरूकता की भारी कमी है और इस कारण दुकानदार अपना वारा-न्यारा करने में लगे हैं।

लाइसेंस को ले दुकानदार नहीं हो रहे जागरूक
लाइसेंसधारी सर्राफा कारोबारियों ने बताया कि जिले में हॉलमार्क की व्यवस्था को सख्ती से लागू करने को लेकर लगातार प्रयास किया जा रहा है लेकिन अनेक बैठकों के बावजूद यह बहुत लाभप्रद साबित नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि सभी दुकानों पर हॉलमार्क के लोगो रहने से ग्राहक भ्रमित हो जाते हैं। प्रशासन को भी इस पर एक्शन लेने की जरूरत है। बिना लाइसेंस वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

ग्राहकों की सही जानकारी नहीं होेने के कारण गहनों की खरीदारी में धोखा खा जाते हैं। भारत मानक ब्यूरो के अधिकारियों द्वारा भी कई बार प्रयास किया गया कि सभी दुकानदारों के पास लाइसेंस हो लेकिन, वे इसको लेकर जागरूक नहीं हो रहे हैं। जब तक उनपर कार्रवाई नहीं होगी वे सुधरेंगे नहीं।

भारत मानक ब्यूरो के मोबाइल एप पर भी गुणवत्ता की जांच
उपभोक्ता मंत्रालय ने ‘BIS’ यानी भारत मानक ब्यूरो का मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। ‘BIS’ मोबाइल ऐप पर आप बेहद आसानी से किसी भी प्रोडक्ट या यहां तक ज्वेलरी के असली नकली होने की जांच कर सकते हैं। प्रोडक्ट पर दिए गए आईएसआई मार्क लाइसेंस नंबर को मोबाइल ऐप में डाल कर चेक किया जा सकता है कि लाइसेंस नंबर सही या नहीं।

इससे प्रोडक्ट के असली या फेक होने की जानकारी मिल सकेगी। अगर लाइसेंस नंबर सही है तो ऐप पर प्रोडक्ट ब्राॅन्ड से लेकर, मेकिंग जैसी सभी जानकारी आ जाएंगी। इसी तरह ज्वेलरी खरीदते समय भी हॉलमार्क नंबर मोबाइल ऐप पर जांच कर सही ज्वेलरी खरीद सकते हैं। अगर लाइसेंस नंबर या हॉलमार्क नंबर सही नहीं है तो उसी मोबाइल ऐप पर आप तुरंत शिकायत या कंप्लेंट रजिस्टर कर सकते हैं।

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