कुव्यवस्था:केंद्रों पर टोकन मिलने के घंटों बाद तक टीका न लगने से लोगों ने किया हंगामा

सासाराम3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
चेनारी में मिले टोकन के साथ हंगामा करते लोग। - Dainik Bhaskar
चेनारी में मिले टोकन के साथ हंगामा करते लोग।
  • कोरोनारोधी टीका लग पाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं, चेनारी में 7 घंटे पहले टोकन मिलने के बाद भी नहीं लगी वैक्सीन

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए जिले में चलाया जा रहा वैक्सीनेशन अभियान स्वास्थ्य कर्मियों के साथ लाभुकों के लिए भी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। वैक्सीन की कमी के कारण जिले के ज्यादातर केंद्रों पर हंगामा और मारपीट कि घटना अब आम बात हो गई है। आवश्यकता से कम डोज उपलब्ध होने के कारण स्वास्थ्य कर्मियों को लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है वही सुदूर ग्रामीण इलाकों से किराए पर वाहन लेकर पहुंचे ग्रामीणों के टीकाकरण करवा पाना बड़ी चुनौती से कम नहीं है।

शनिवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों ने 78 सत्रों का आयोजन हुआ जहां पर साडे 18 हजार से अधिक लोगों का टीकाकरण किया गया। इस दौरान जिला मुख्यालय सासाराम के टाउन हाई स्कूल, खेल भवन फजलगंज, श्री शंकर इंटर स्तरीय विद्यालय, यूपीएचसी सागर सहित कई अन्य केंद्रों पर भीड़ के हंगामे के कारण टीकाकरण घंटों प्रभावित रहा। आक्रोशित लोगों को शांत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पुलिस की मदद लेनी पड़ी। कर्मियों की माने तो भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था नहीं होने के कारण टीकाकरण प्रभावित हो रहा है।

चेनारी में 7 घंटे पहले टोकन मिलने के बाद भी नहीं दिया गया वैक्सीन

चेनारी के राम दुलारी गंगा इंटर स्तरीय विद्यालय में बनाए गए वैक्सीनेशन केंद्र पर शनिवार सुबह 7 बजे से ही लाइन में लगे सैकड़ों लोगों को टोकन वितरण किया गया था। टोकन वितरण करने के बाद भी तीन दर्जन से अधिक लोगों को वैक्सीन नहीं लगाया गया जिससे आक्रोशित लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर लोगअधिकारियों को बुलाने की मांग करने लगे, लेकिन घंटों इंतजार करने के बाद भी वैक्सीनेशन केंद्र पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचे। टीका नहीं लगने से आक्रोशित बनौली गांव निवासी बलीराम राम ने कहा कि सुबह बजे से हम लाइन में लगे हुए हैं, लेकिन दोपहर 3:35 बजे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के द्वारा बताया गया वैक्सीन समाप्त हो गया है।

गाड़ी रिजर्व कर टीका लेनेे आई थीं महिलाएं
कोरोना टीका लगवाने के लिए सुदूर गांवों की महिलाएं निजी वाहन किराए पर रिजर्व कर जिला व प्रखंड मुख्यालय आई थीं। लेकिन सैकड़ों महिलाओं को टीकाकरण केंद्रों से बिना टीका लगवाए हैं वापस लौटना पड़ा। महिलाओं ने बताया कि वाहन चालक से करार हुआ था, कि वह टीका लगने के बाद वापस गांव छोड़ेगा। लेकिन, हाई स्कूल के केन्द्र पर सुबह सात बज से कतार में लगने के बाद वैक्सिनेशन नहीं हो पाया। टीका के इंतजार में सुबह से शाम हो गई। ऐसे में मौजूद महिलाएं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से बकझक भी होती रही। महिलाओं का कहना था कि पंचायत में टीकाकरण होता तो आने जाने का किराया भी बचता और कम भीड़ होने से टीका लेने में भी सहुलियत होती।

पंचायत स्तर पर वैक्सीनेशन की उठ रही मांग
जिले में चल रहे कोविड टीकाकरण को लेकर सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देश को दोषपूर्ण बताया है। ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीनेशन नहीं कराए जाने के कारण गांव में रहने वाले लोगों को जिला और प्रखंड मुख्यालय तक पहुंच कर क्या लेना पड़ रहा है। सुबह घर से निकले लोगों को यह भी पता नहीं होता कि शाम तक वह वैक्सीन ले पाएंगे भी या नहीं। ज्यादातर केंद्रों पर लोगों की भीड़ इतनी उम्र पड़ रही है कि सैकड़ों लोग टीकाकरण से वंचित हो जा रहे हैं। स्थिति यह है कि लगातार एक हफ्ते से प्रयास करने के बाद भी लोग वैक्सीन की डोज लेने से वंचित रह जा रहे हैं। ऐसे में वंचित लोगों लोगों ने पंचायत स्तर पर वैक्सीनेशन की व्यवस्था कराने की मांग की है।

खबरें और भी हैं...