बदलता मौसम:गुलाबी ठंड शुरू, बच्चे, बुजुर्ग रहें सावधान न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री पर लुढ़का

सासारामएक महीने पहले
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गुलाबी ठंड का ढलता शाम। - Dainik Bhaskar
गुलाबी ठंड का ढलता शाम।
  • धूप में तेजी नहीं होने से सोमवार को धूप निकलने के बाद लोगों को राहत नहीं मिली

उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली शुष्क हवाओं से मौसम में तेजी से बदलाव शुरू हो गया है। सुबह और शाम की शीत लहर अब कंपकंपी बढ़ा दी है। पारा गिरने से रात में गलन बढ़ती जा रही है और सुबह-शाम धुंध की चादर दिखाई देने लगी है। बीते चार दिनों से न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र, बिक्रमगंज के मौसम विज्ञानियों ने दिसंबर मध्य तक भीषण ठंड पड़ने की संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक सोमवार को न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री और अधिकतम 25.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अगले कुछ दिन में और कम होने की उम्मीद है। शीत लहरी से लोग सचेत रहें और सावधानियों पर ध्यान दें।
तीन दिनाें चार डिग्री गिरा पारा : तीन दिनों में चार डिग्री तक गिरा पारा बिक्रमगंज में तीन दिनों में चार डिग्री तक रात का पारा गिरा है। जबकि दिन के पारा में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गयी है। मौसम विज्ञान केंद्र, बिक्रमगंज से प्राप्त आंकड़े के अनुसार 11 दिसंबर को बिक्रमगंज का तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 12 दिसंबर को अधिकतम तापमान 07 डिग्री गिर कर 25.7 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया जबकि न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री गिरकर 10.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। केंद्र की माने तो अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस बना रहेगा। हालांकि इस दौरान शीत बिक्रमगंज में सुबह के समय का नजारा लहर में कोई कमी नहीं आएगी। उत्तर-पश्चिम की हवाओं ने बदला मौसम, न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री पर पहुंचा, बुजुर्गों को डॉक्टर ने दी बचने की सलाह दे रहे है गर्म कपड़ों के बिना लोग घर नही निकले।

मौसम अलर्ट...
तीन दिनों में 4 डिग्री गिरा तापमान सुबह-शाम शीत लहर से बढ़ी ठंड रविवार व सोमवार की सुबह शहर सहित गांवों में कुहासा छाई रही। मौसम के इस बदलते मिजाज का लोगों ने लुत्फ उठाया। बाद में स्थिति सामान्य हो गया। सुबह से ही छाई कुहासा की वजह से ऐसा लग रहा था जैसे प्रकृति ने सफेद चादर ओढ़ ली हो। खेतों में सवेरे से ही छाई हुई धुंध क देवभूमि के समान लग रही थी। कुहासा से प्राकृतिक सौंदर्य की अलग ही छटाएं नजर आ रही थी। सुबह भ्रमण पर निकले लोगों ने खूबसूरत माहौल का लुत्फ उठाया। 9 बजे धूप निकलने के बाद धीरे-धीरे धुंध खत्म हो गई। धूप में तेजी नहीं होने से सोमवार को धूप निकलने के बाद लोगों को राहत नहीं मिली बल्कि ठंडी हवा चलने से सिहरन होने लगी।

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