सख्ती:रेलवे स्टेशन सासाराम के इंट्री गेट पर सख्त पहरा, ट्रेनों में नो-मास्क तो नो-इंट्री

सासाराम9 दिन पहले
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रोहतास जिले में कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते रेलवे प्रशासन व स्थानीय जिला प्रशासन मास्क को लेकर सख्ती बरत रहा है। इसके लिए नो-मास्क तो नो-एंट्री अभियान की शुरुआत कर दी गई है और अब इसपर ज्यादा ध्यान भी दिया जा रहा है। कोरोना के तीसरी लहर के दस्तक के बाद अब रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों को जागरूक करने के लिए रेलवे स्टेशन और ट्रेन के डिब्बों में भी रेल यात्रियों पर नजर रखी जा रही है। यात्री ट्रेनों के रूकने व ट्रेन खुलने से पहले रेलवे कर्मचारी और रेलवे अधिकारी हर कोच पर नजर रख रहे हैं। रेल यात्रा करनेवाले यात्रियों को मास्क और वैक्सीनेशन की दोनों डोज की जानकारी रेलवे परिसर और रेलवे प्लेटफार्म पर माइक से अनाउंसमेंट कर दी जा रही है। हालांकि सासाराम रेलवे स्टेशन पर कोरोना टेस्टिंग की प्रक्रिया भी लगातार चल रही है।कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए सख्ती जरूरी : हर रोज हजारों लोग सासाराम रेलवे जंक्शन से ट्रेन से यात्रा करते हैं, क्योंकि ट्रेन की यात्रा सुविधाजनक तो होता ही है, लेकिन भीड़ बढ़ने और लोगों के लापरवाह होने से कोरोना विस्फोट होने की आशंका भी बनी हुई है।

500 रुपये तक का कट रहा चालान
स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने आये यात्रियों पर रेलवे की एक टीम लगातार निगरानी रख रही है। इस टीम को यह देखने का टास्क दिया गया है कि कहीं कोई यात्री प्लेटफॉर्म पर बिना मास्क के तो नहीं है, या कोई यात्री कोविड दिशानिर्देशों काे तोड़ने का प्रयास तो नहीं कर रहा है। पकड़े जाने पर ऐसे यात्रियों के ऊपर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। रेल अधिकारियों ने बताया कि मास्क नहीं पहनने वाले ऐसे यात्रियों से 500 रुपये चालान काटे जा रहे हैं। इस अभियान में रेलवे स्टेशन के अंदर और ट्रेन के डिब्बों में भी लोगों पर नजर रखी जा रही है।

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