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कोविड गाइडलाइन:इस बार गुप्ता धाम में नहीं लगेगा सावन का मेला, कांवरियों के जाने पर रहेगी रोक

सासाराम4 दिन पहले
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गुप्ता धाम के रास्ते पर तैनात पुलिस। - Dainik Bhaskar
गुप्ता धाम के रास्ते पर तैनात पुलिस।
  • रोकने के लिए जाने वाले रास्ते पर पहाड़ी के नीचे तैनात रहेंगे पुलिस बल

गुप्ता धाप में सावन के महीनें में लगने वाले मेले पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। गुफा के अंदर मौजूद प्राकृतिक शिवलिंग पर भी जलाभिषेक करने कोई नहीं पहुंच पाएगा। रोहतास प्रशासन ने बुधवार को एक बैठक कर यह निर्णय लिया जिसमें डीएफओ रोहतास प्रदुम्न गौरव, सासाराम एसडीएम मनोज कुमार, एसडीपीओ अरविंद प्रताप सिंह कई अधिकारी मौजूद थे। जिसमें गुप्ता धाम के लिए अलग से गाइडलाइन दिया गया। प्रशासन ने बैठक में आम लोगों के लिए अन्य पहाड़ी मंदिरों पर जाने से रोकने के लिए अलग से निर्देश जारी किए।

जिसमें कोविड 19 के प्रकोप का हवाला दिया गया। कैमूर पहाड़ी के वन क्षेत्र में पड़ने वाले गुप्ता धाम के अलावे रोहतासगढ़ किला में मौजूद रोहितेश्वर शिव मंदिर के लिए भी समान्य गाइडलाइन रहेगा। जहां आयोजित होने वाले मेले और पूजा अर्चना पर प्रतिबंध जारी रहेगा। डीएफओ प्रदुम्न गौरव ने बताया कि इसके लिए वन एवं पर्यावरण विभाग के साथ रोहतास प्रशासन गाइडलाइन का पालन कराने के लिए सख्ती से प्रयास करेगा।

आम लोगों के लिए अन्य पहाड़ी मंदिरों पर जाने से रोकने के लिए अलग से निर्देश जारी

कोरोना को लेकर सावन मेले में लगातार दूसरे साल प्रतिबंध
गुप्ता धाम में लगने वाले श्रावणी मेले पर यह लगातार दूसरा प्रतिबंध है। 2020 में भी कोविड के कारण वहां श्रद्धालुओं को जाने से रोकने के लिए आदेश जारी हुआ था। परंतु पुलिस बल की तैनाती नहीं की गई थी। इस वर्ष थोड़ा ज्यादा सख्तीसे प्रशासन निर्देशों का पालन कराने में जुटा हुआ है। 2020 व 2021 के बसंत पंचमी और चैत नवरात्र में आयोजित मेले में श्रद्धालु दर्शन कर पाए थे। क्योंकि उन मेलों के बाद कोविड को लेकर सख्ती और लॉकडाउन घोषित हुए थे। सिर्फ सावन के मेले पर लगातार दूसरा ग्रहण है। जिसको लेकर कांवरियों में भी निराशा हो सकती है।

हर वर्ष सावन में जाते हैं एक से दो लाख क्षद्धालु

​​​​​​​शेष बिहार के प्राकृतिक शिवलिंगों में एक गुप्ता धाम जलाभिषेक करने के लिए सावन महीनें में प्रतिवर्ष एक से दो लाख श्रद्धालु कांवर लेकर पहुंचते हैं। जिनके कारण गुफा के अंदर और परिसर में काफी भीड़ इकट्‌ठा हो जाती है। यहां तक की जिन रास्तों से पहाड़ी पर चढ़ा जाता है। उसके नीचे भी मेले जैसा माहौल रहता है। कोविड नियमों के कारण प्रशासन ने लिए गए इस निर्णय से इस वर्ष एक से दो लाख कांवरिये गुफा के अंदर मौजूद शिवलिंग पर जलाभिषेक से वंचित रहेंगे।

पांच जिलों के शिवभक्त ज्यादा पहुंचते हैं गुप्ता धाम
रोहतास के अलावे निकटवर्ती बक्सर, कैमूर, भोजपुर, औरंगाबाद जिले के शिव भक्त सावन के मेले में सबसे ज्यादा गुप्ता धाम पहुंचते हैं। इसके अलावे निकटवर्ती झारखंड राज्य के पलामू, गढ़वा और उत्तरप्रदेश के चंदौली, सोनभद्र जिलों से भी श्रद्धालुओं की काफी संख्या सावन में जलाभिषेक के लिए जुटती है। वैसे तो गुप्ता धाम में बसंत पंचमी से लेकर चैत में लगने वाले चार मेलों में भी श्रद्धालुओं की संख्या काफी रहती है। ​​​​​​​

सभी रास्तों के नीचे पुलिस बल रहेंगे तैनात
गुप्ता धाम तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को कैमूर पहाड़ी पर लगभग पंद्रह किलोमीटर की औसत दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। जिसके लिए आधा दर्जन रास्ते हैं। रोहतास के दुर्गावती जलाशय परियोजना, उगहनी घाट, पनारी घाट, ताराचंडी के रास्ते, नौहट्‌टा के राजघाट और फांसी घर वाले रास्ते से ज्यादातर श्रद्धालु धाम पर पहुंचते हैं। जहां प्रशासन ने पुलिस बल तैनात करने का निर्णय लिया है। जो पहाड़ी के नीचे से ही श्रद्धालुओं को जाने से रोकेंगे।​​​​​​​

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