वारदात:दो दोस्तों ने दरवाजा खोलवाकर दाेस्त राहुल व हिमांशु पर बरसाईं गोलियां, राहुल की माैत

सासाराम11 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
अस्पताल में इलाजरत जख्मी। - Dainik Bhaskar
अस्पताल में इलाजरत जख्मी।
  • बिक्रमगंज थाना क्षेत्र के अस्कामिनी नगर की घटना, अस्पताल में जीवन की जंग लड़ रहा हिमांशु

बिक्रमगंज थाना क्षेत्र के अस्कामिनी नगर में गुरूवार की आधी रात राहुल और हिमांशु नामक दो दोस्तों के दरवाजे खोलवाकर अपराधियों ने उन पर अधाधुंध फायरिंग की। जिसमें राहुल की मौके पर मौत हो गई। हिमांशु गंभीर रूप से घायल है। घटना को अंजाम देने के बाद अपराधियों के जाते ही हिमांशु ने जब शोर मचाया तो पड़ोसियों ने उसे अस्पताल के लिए बिक्रमगंज करूणा अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इधर मौके पर पहुंचे बिक्रमगंज एसडीपीओ शशिभूषण प्रसाद ने जब घायल हिमांशु से हल्की पूछ ताछ की तो घटना में नीतीश और रॉकी नाम के दो युवकों द्वारा गोलीबारी किए जाने की बात सामने आई। जिन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है। घटना में मारा गया राहुल सूर्यपुरा थाना के गोठानी गांव का रहने वाला बताया जाता है।

जिसके पिता अनिल कुमार अपने परिवार के साथ डेहरी के प्रयाग बिगहा में रहते थे। वहां से राहुल के पिता पूरे परिवार के साथ बिक्रमगंज आकर अपना व्यवसाय चलाने लगे। जहां से पढ़ने के लिए राहुल का दोस्त हिमांशु अस्कामिनी नगर स्थित उसके कमरे पर गया था। हिमांशु नोखा थाना क्षेत्र के मथुरापुर का निवासी है। जिसके पिता अरूण कुमार भी अपने परिवार के साथ डालमियानगर रहते थे। राहुल और हिमांशु आपस में दोनों दोस्त थे। जो बिक्रमगंज के अस्कामिनी नगर में किराए के एक कमरे में पढ़ाई करने क लिए रह रहे थे। बिक्रमगंज एसडीपीओ शशिभूषण प्रसाद ने बताया कि घायल हिमांशु के ब्यान पर घटना में शामिल नीतीश और रॉकी पर नामजद प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। जिनके खिलाफ छापेमारी जारी है।

घटना के एक दिन पहले राहुल की मां चली गई थी डेहरी| घटना के समय राहुल अपने कमरे में अकेले था। जिसके पास बुलावे पर उसका दोस्त हिमांशु पहुंचा था। एक दो दिन पहले राहुल की मां और पिताजी गांव चले गए थे। जिसकी सूचना उन्हें पड़ोसियों द्वारा दी गई। राहुल अपने माता पिता का दूसरा पुत्र था। उसकी दो बहने और वह दो भाई है। परिजन बताते हैं कि पढ़ने में मेधावी राहुल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। इधर पुलिस ने इस मामले में अस्कामिनी नगर में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है। जिससे आरोपियों की पहचान होने में सफलता मिल सके।

नीतीश और रॉकी थे राहुल व हिमांशु दोस्त| घटना को अंजाम देने के आरोपी नीतीश और रॉकी मृतक राहुल और घायल हिमांशु के दोस्त थे। यह बात हिमांशु ने पुलिस को बताई। घटना के कारणों पर हिमांशु अभी कुछ बता नहीं पा रहा है। जिसको लेकर बिक्रमगंज एसडीपीओ शशि भूषण प्रसाद कहते हैं कि हिमांशु के ब्यान से ही घटना के बारे में बहुत कुछ जानकारी मिल सकती है। उसने सिर्फ इतना ही बताया है कि दोनों ने रात को एक बजे आकर अंधाधुंध गोलियां चलाई। जिसमें एक गोली राहुल के कनपट्‌टी में लगी। दूसरी गोली हिमांशु के हाथ और गर्दन के पास लगी। जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। जब तक हिमांशु स्वस्थ्य होकर पुलिस को कुछ बता नहीं पाएगा तब तक घटना के रहस्य बने रहेंगे।

पहले दरवाजा पीटा फिर तोड़ने की दी धमकी
हमलावार नीतीश और रॉकी राहुल के दरवाजे पर पहुंचकर पहले दरवाजा पीटे जब खोलने में देर हुई तो दरवाजा तोड़ देने की धमकी भी दी। जैसे ही राहुल ने दरवाजा खोला तो सामने से अंधाधुंध गोलियां हमलावरों ने चला दी। आगे खड़े राहुल मौके पर ढेर हो गया। जबकि उसके पीछे खड़े हिमांशु गोली लगने के बाद वहीं गिरकर छटपटाने लगा। उसे भी मरा समझ हमलावर वहां से भाग निकले। तब तक हिमांशु जोर जोर से शोर मचाने लगा तो जुटे पड़ोसी घटना की जानकारी पुलिस को देने के बाद हिमांशु को इलाज के लिए अस्पताल ले गई। उधर राहुल के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सासाराम भेजा गया।

खबरें और भी हैं...