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परेशानी:चांचर से नहर में गिरी महिला व बच्ची, महाराजगंज में आज तक नहीं बना पुल

सासाराम16 दिन पहले
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टूटे चांचर पुल से जा रहीं महिलाएं। - Dainik Bhaskar
टूटे चांचर पुल से जा रहीं महिलाएं।
  • गांव में जाने के लिए दस किमी की अतिरिक्त दूरी तय करें या जान को दांव पर लगाएं

नहर के पार बसे महाराजगंज गांव के लोगों की विवशता है कि गांव में जाने या उधर से आने के लिए नहर पार करनी पड़ती है। बारहों मास ये लोग चांचर के सहारे नहर पार करते हैं। अथवा ‘जल-बंदी’ का जीवन गुजारते हैं। इस बीच चांचर के बल्लों के टूटने से महिला व बच्ची नहर की तेज धार में गिर गईं। गनीमत है कि लोगों ने देख लिया, जिससे दोनों को बचाया जा सका। बच्ची का हाथ टूट गया। उसे सासाराम ले जाना पड़ा। महिला रेशमा थीं जिसके साथ हरेंद्र चौधरी की पांच वर्षीय पुत्री नहर पार करने के लिए चांचर से गुजर रही थी।

नोखा प्रखंड के घोसिया पंचायत के महराजगंज गांव के लोग नहर निर्माण से लेकर आज तक पुल का निर्माण नहीं होने से चांचर वाले पुल से ही होकर गुजरते हैं। पुल के निर्माण के लिये विधायक से लेकर सांसद तक कहा लेकिन पुल का निर्माण नहीं हो सका। चुनाव के समय हर जनप्रतिनिधि पुल निर्माण की बात कहते जरूर हैं लेकिन जितने के बाद देखने तक नही आते हैं। राज्य सरकार पुल पुलिया के निर्माण के लिये घोषणा तो की जाती है लेकिन उनके अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि समस्या को दूर नहीं कर पाते हैं।

लोगों ने दोनों को मुश्किल से बचाया, बच्ची का हाथ टूटा

महाराजगंज गांव में जाने के लिए आज तक पुल का निर्माण नहीं किया गया। जनता की शिकायत पर कई बार तो अधिकारी आए लेकिन सिर्फ देख कर वह अपना कोरम पूरा करके चले गए। महराजगंज गांव जाने के लिये अगर दूसरे तरफ से देखा जाए तो सिसिरित टोला होते हुए उस गांव में पहुंचा जा सकता है लेकिन उसकी दूरी 10 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी हो जाती है। लेकिन उस तरफ से भी उस गांव में नहीं पहुच पाएंगे क्योंकि वहां भी नहर कटी हुई है। अगर देखा जाए तो महराजगंज गांव में जाने का कोई रास्ता नहीं है। किसी की तबीयत खराब हो गई तो उनको अस्पताल ले जाने के लिये खाट का सहारा ग्रामीणों लेना पड़ता है।
पहले ग्राम पंचायत में था, नए परिसीमन में नगर परिषद में
नोखा प्रखंड के घोसिया पंचायत का महराजगंज गांव पहले ग्राम पंचायत में था फिर भी इस पुल का निर्माण नही किया जा सका। इस नए बने परिसीमन में नोखा नगर परिषद में इस पंचायत के सभी गांव को शामिल कर लिया गया। इस गांव के ग्रामीणों को शहरी क्षेत्र में शामिल होने से आंशिक उम्मीद जगी है। देखना है कि क्या होता है। इस मामले वार्ड पार्षद मनोज चौधरी ने कहा कि हम लोग सभी जगह से गुहार लगाते लगाते थक गए है कोई सुनने वाला नही है। पार्षद ने विधायक से लेकर सांसद तक हमने गुहार लगाई है।

बीडीओ बोले- डीएम से पुल के लिए आग्रह करूंगा

^यह बहुत ही गंभीर मामला है। इसके लिए मैं जिलाधिकारी महोदय को पत्र लिख आग्रह करुंगा की जितना जल्द हो सके किसी तरह पुल का निर्माण कराया जाए। ताकि इस गांव के ग्रामीणों को इस चांचर पुल से छुटकारा मिल सके और लोगों के लिए नया पुल बन सके।
रामजी पासवान, प्रखंड विकास पदाधिकारी, नोखा

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