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अभियान को झटका:आंगनबाड़ी केन्द्र पर पोषक आहार के साथ खेलने-कूदने का समुचित इंतजाम रखना है

शेखोपुरसराय15 दिन पहले
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  • बथान में चल रहा पनयपुर का आंगनबाड़ी केंद्र

सरकार द्वारा छोटे बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने हेतु सरकार आंगनबाड़ी केंद्र चलाती है। जहां नौनिहालों को पोषक आहार के साथ उनके खेलने-कूदने की भी उचित व्यवस्था होती है। लेकिन जब इन केंद्रों को जानवरों के बथान में बने झोपड़ी में चलाया जा रहा हो और वहां पेयजल या शौचालय की व्यवस्था तक न हो तो वहां नौनिहालों पर क्या गुजरती होगी। ये सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। कुछ ऐसा ही मामला बेलाव पंचायत के पनयपुर गांव में देखा जा सकता है।

जहां आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 67 का संचालन बथान में किया जा रहा है। जिसके फर्श मिट्टी के है एवं अगल बगल गंदगी का अंबार लगा हुआ रहता है। तीन तरफ से खुली दीवार है। जिसकी वजह से सांप-बिछुओं जैसे जहरीले जीव जंतुओं का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में केंद्र पर सुरक्षा व सुविधा की पोल खुल जाती है। जब नौनिहाल बथान में रहने को विवश हो तो पूरी व्यवस्था खुद ब खुद समझने व कटघरे में खड़ा करने के लिए काफी है। क्षेत्र में संचालित अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों की तरह इस केंद्र पर भी न तो अपना चापाकल है और न शौचालय। सेविका के घर से पीने व पोषाहार के लिए पानी आता है। वही शौच के लिए भी बच्चों द्वारा सेविका का शौचालय ही उपयोगी है। यहां सुविधा के नाम पर महज खानापूर्ति की गई है। आश्चर्य की बात यह है कि अधिकारियों के निरीक्षण के बाद भी केंद्र की व्यवस्था में सुधार को लेकर विभाग द्वारा आज तक कोई पहल नहीं किया गया है।

आंगनबाड़ी की बदहाल स्थिति के बारे में पूछे जाने पर आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका गुडिया कुमारी ने बताया कि केंद्र के लिए अब तक कोई भवन निर्माण नही हो पाया है। सरकारी भवन के नाम पर एक सामुदायिक भवन है। जिसपर ग्रामीणों का कब्जा है। जहां ग्रामीण लोग सोने व उठने-बैठने का काम करते है। केंद्र के भवन के निर्माण के लिए कई बार विभाग को पत्राचार किया गया है। किंतु अब तक हमारे आंगनबाड़ी केंद्र का भवन निर्माण नही हो पाया है।

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