बिंद पीएचसी का मामला:24 महिलाओं का बंध्याकरण, जमीन पर लिटाया

शेखपुरा2 महीने पहले
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  • सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बावजूद शिकायतें मिलती रहती हैं

सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बावजूद जिले के अस्पतालों से किसी न किसी प्रकार की शिकायतें मिलती ही रहती है। अभी भी कुछ अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। बुनियादी सुविधाओं के कमी की एक तस्वीर बिंद से आई है। स्थानीय पीएचसी में सोमवार को 24 महिलाओं का बंध्याकरण आपरेशन किया गया था। बन्ध्याकरण के बाद इन्हें जरूरी सुविधा नही मिली। बेड नहीं रहने के कारण बन्ध्याकरण कराने वाली महिलाओं को जमीन पर लेटा दिया गया। यही नहीं कर्मचारी नहीं रहने के कारण रात्रि प्रहरी ही महिलाओं को आपरेशन रूम से लाकर मरीज को ज़मीन पर लेटा रहे थे। बता दें कि पीएचसी में प्रतिदिन लगभग 20 महिलाओं का प्रसव किया जाता है। जिससे सभी बेड भरे रहते हैं। पीएचसी में मरीजों के लिए सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं लेकिन यहां संसाधन काफी कम है। प्रबंधन की लापरवाही के कारण यहां पर मरीजों के साथ सही व्यवहार नही किया जाता है।

गेट से लेकर गलियारे तक थी महिलाएं|सोमवार की रात्रि अस्पताल का नजारा ऐसा था मानो यहां की व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहा है। मरीज और परिजन मिलाकर 60 से भी अधिक लोग जहां तहां लेटे और बैठे हुए थे। गेट और गलियारों के फर्श पर महिलाएं बंध्याकरण आपरेशन के बाद लेटी हुई थी। परिजन हाथ में पंखे लिए झल रहे थे। कुछ मरीज के परिजन ने बताया कि आपरेशन के बाद मरीज को बाहर लाने में 30 रुपया प्रति मरीज लिया जाता है। परिजनों ने यह भी कहा कि इस लापरवाही से इंफेक्शन का भी खतरा है। परिजनों ने कहा कि सरकार का परिवार नियोजन के लिए बन्ध्याकरण पर पूरा जोर है।लेकिन एक बेड की भी सुविधा नही मिल रही।

समस्या स्वीकारी। पीएचसी प्रबन्धन ने अस्पताल में समस्या की बात स्वीकार की है। प्रभारी डा. उमाकांत प्रसाद ने बताया कि‌ विभाग को समस्या से अवगत करा दिया गया है। यहां भवन की समस्या है। उन्होंने कहा कि जहां तक नाजायज राशि वसूलने की शिकायत है तो इसकी जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।

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