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हालात बताती तस्वीर:विकास की रफ्तार में फिसड्डी: तीन किमी. लंबी संपर्क सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे

शेखपुरा23 दिन पहले
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  • बढ़िया सड़क नहीं होने से आवागमन में ग्रामीणों को झेलनी पड़ रही है परेशानी
  • ग्रामीणों का आरोप- कई बार की गई शिकायत, पर नहीं दे रहा है कोई ध्यान
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विकास के इस दौड़ में चेवाड़ा प्रखंड के चिंतामन चक गांव के ग्रामीण को आवागमन में सड़क की बदहाली के कारण परेशानी का सामना करने को मजबूर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों को चकाचक किए जाने एवं विकास की मुख्यधारा से जोड़ने को लेकर वैसे तो जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, परंतु धरातल पर कई ऐसे गांव हैं जहां की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। फ़िलहाल यह सड़कें ग्रामीणों के आवागमन में बाधक बनी हैं। वर्षों से इन सड़कों की कोई सुध नहीं ली गयी है।

हालात यह हैं कि इन सड़कों पर राहगीरों का वाहनों से तो दूर पैदल भी चलना दुश्वार है। चेवाड़ा से चिंतामन चक गांव तक जाने वाली सम्पर्क सड़क कई वर्षों से गड्ढों में तब्दील है और सड़कों पर सैकड़ों बड़े-बड़े गड्ढे रहने के कारण बरसात के दिनों में पानी जमा हो जाता है। जिससे वाहन से गांव जाना तो दूर पैदल चलने में भी ग्रामीणों को फ़ज़ीहत झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने बताया कि चेवाड़ा से चिंतामन चक गांव को जोड़ने वाला लगभग 3 किलोमीटर लंबे मार्ग की हालत बदतर है। 

छह साल पहले बना पुल संपर्क पथ है अधूरा 
चेवाड़ा से चिंतामन चक गांव के बीच पुल का निर्माण वैसे तो 6 वर्ष पूर्व ही पूरा किया जा चुका है। परंतु इस पुल का संपर्क पथ को यूं ही छोड़ दिए जाने के कारण कच्ची सड़क में अब बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं और उस रास्ते से गुजरने वाले वाहन को हमेशा दुर्घटनाग्रस्त होते रहता हैं। हालांकि ग्रामीण द्वारा निजी खर्चे पर कई बार सड़कों की मरम्मत कराई गयी है। परन्तु कुछ ही दिनों बाद ही फिर बदहाल स्थिति में बदल जाती है। जरा सी चूक राहगीरों को चोटिल कर रही है।
बरसात में सड़क छोड़ पंगडंडियों से जाते है गांव 
ग्रामीणों ने बताया की खासकर बरसात के दिनों में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में यह कच्ची सड़क इतना ख़राब हो जाता है की वाहन तो दूर लोग पैदल भी नहीं जा सकते है। जिसके कारण ग्रामीणों को खेतों की पंगडंडियों के सहारे गांव आना-जाना पड़ता है। यदि बरसात के मौसम में कोई बीमार पड़ जाते है तो उसे खाट के सहारे अस्पताल पहुंचाना पड़ता है।

चिंतामन चक के ग्रामीणों को भारी परेशानी उस वक्त हो जाती है। जब कोई बीमार होता है। खासकर वृद्ध या प्रसव के लिए महिलाओं को अस्पताल लाने ले जाने में वाहन पर सवार होकर हिचकोले खाने को मजबूर हैं। वैसे में उनकी पीड़ा बढ़ जाती है। चिंतामन चक के ग्रामीण को अच्छी सड़क की सुविधा कब मुहैया होगी यह ग्रामीणों के लिए फिलहाल स्वप्न जैसा है।

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