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माह ए रमजान:सजदे में झुक अदा की अलविदा जुमे की नमाज

शेखपुराएक महीने पहले
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घर में नमाज अदा करते लोग। - Dainik Bhaskar
घर में नमाज अदा करते लोग।
  • ईद को लेकर मुसलमान समुदाय में भारी उत्साह, दुआओं और मन्नतों का महीना है रमजान

रमजान मुबारक के आखिरी जुमा में अलविदा की नमाज के साथ ही शुक्रवार को माहे मुबारक के रुखसत होने का एलान भी हो गया। लॉकडाउन की वजह से अलविदा जुमे की नमाज रोजेदार मस्जिदों के बजाय घरों में अदा किया। अलविदा की नमाज में बैतूल मुकद्दस की हिफाजत और कोरोना वायरस के खात्मे की दुआएं की गयी। अलविदा जुमे पर नमाज अदा करने के बाद रोजेदार ईद मनाने की खुशी चेहरे पर साफ देखी जा रही थी। वही, लोजपा जिलाध्यक्ष इमाम गजाली ने कहा कि जारी लॉक डाउन के कारण सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर अपने घर में सगे सम्बन्धियों के साथ नमाज अदा की। इस बाबत जिलाध्यक्ष ने कहा कि माहे रमजान दुआओं, मन्नतों, इबादत वगैरह का सबसे पाक मुबारक महीना है। पाक कुरान शरीफ पढ़ते हुए इबादत में मशगूल रहना, बुरे कामों से दूर रहना, भूखे रहकर गुरवत को महसूस कर जरूरतमंदों की जरूरत पूरी करना, ईमान रखकर दुआ बंदगी करना, सभी मुसलमान भाइयों का यह फर्ज है।
12 या 13 मई को मनाया जायेगा ईद : वहीं, चेवाड़ा जामा मस्जिद के मौलाना अवशारूल हक कहा कि ने कहा उर्दू कलेंडरके अनुसार आज रमजान महीने की 28वीं तारीख हैं। इस हिसाब से 12 व 13 मई को ईद होने की संभावना है। दोनों परिस्थिति में उर्दू तारीख के अनुसार आज रमजान महीने का अंतिम जुम्मा है। वहीं, शुक्रवार को रमजान महीने के अंतिम जुम्मे को अलविदा कहते हुए अपने अपने स्थानीय मस्जिदों में जुम्मे की नमाज अदा की। वहीं, अहियापुर के सईद अनवर चाँद, इम्तियाज़ आदि नौजवानों ने बताया कि भले ही शुरुआती दौर में रोजे की वजह से थोड़ी तकलीफ होती है, लेकिन इसी तकलीफ को देख अल्लाह अपने नेक बंदों की इबादत को कुबूल करता है। धीरे-धीरे यह जिंदगी की आदत में शुमार हो जाता है। उसके बाद किसी प्रकार की तकलीफ महसूस नहीं होती बल्कि और खुशी हासिल होती है।

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