कोरोना इफेक्ट:चैत्र नवरात्रि आज से, 15 से शुरू होगी चैती छठ

शेखपुरा8 महीने पहले
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  • इस बार मंदिरों में नहीं किया जाएगा विशेष आयोजन, घर में ही लोग करेंगे मां दुर्गा की आराधना

माता की आराधना का चैत नवरात्र के रूप में की जाती है। चैत्र शुक्ल पक्ष के अवसर पर आज कलश स्थापना के साथ ही माता की नौ दिवसीय विशेष पूजा शुरू हो जाएगी। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी चैत नवरात्र में कोरोना की स्थिति पूर्ववत रहने के कारण पूजा समितियों ने विशेष तैयारी की जा रही है। मंदिर परिसर में मेले का आयोजन नहीं होगा।

हिंदू धर्म शास्त्र के अनुसार शारदीय व चैत्र नवरात्र का विशेष महत्व है। उसके बाद चैत्र नवरात्र को लेकर श्रद्धालुओं को इंतजार रहता है। वहीं, आज से चैती नवरात्र का शुभारंभ हो रहा है। हालांकि इस दफे एक बार फिर से जिले में कोविड-19 संक्रमण का प्रभाव बढ़ते देख लोग आयोजन के स्वरूप को लेकर आशंकित हैं। बावजूद चैत्र नवरात्र को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है।

इस बाबत आचार्य ने बताया की आज 13 अप्रैल को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि को कलश स्थापना के साथ चैती नवरात्र अनुष्ठान शुरू होकर 21 अप्रैल तक चलेगा। नवरात्र में सुबह उठकर स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनें और पूजा स्थल की सफाई करके लाल या सफेद रंग का कपड़े पर चावल रखकर मिट्टी के बर्तन में जौ बोना चाहिए। आचार्य ने बताया कि हालांकि इस दफे 12 अप्रैल को प्रातः 8 बजे से शुरू होकर 13 अप्रैल को प्रातः 10 बजकर 16 मिनट तक चैत्र प्रतिपदा रहेगी।

कलश स्थापना आज प्रातः 5:45 बजे से प्रातः 9:59 तक और अभिजीत मुहूर्त पूर्वाह्न 11:41 से 12:32 के बीच की जा सकती है। इस दिन पुरे विधि विधान के साथ आचार्य या योग्य पंडित के सहयोग से कलश स्थापना कराना चाहिए। 13 अप्रैल को कलश स्थापना, 14 को मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी, 15 अप्रैल को चंद्रघंटा, 16 को कुष्मांडा, 17 को स्कंदमाता, 18 को कात्यायनी, 19 को कालरात्रि सह रात्री में निशा पूजा, 20 अप्रैल को महाष्टमी, 21 को रामनवमी व महानवमी व्रत और 22 अप्रैल को विजयादशमी के साथ ही पूजा के बाद विसर्जन होगा।

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