जिले में 551 ई-रिक्शा हैं:किराया बढ़ाने की मांग को लेकर ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल, राहगीरों की बढ़ी परेशानी

शेखपुराएक महीने पहले
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  • लोकल भाड़ा 20 रुपये करने की मांग कर रहे हैं ई-रिक्शाचालक

शेखपुरा में प्रशासन पर दबाव कायम करने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय के करीब 800 ई-रिक्शा चालकों ने किराया बढ़ाने को लेकर हड़ताल शुरू की है। इसके कारण सड़कों पर लोगों को वाहन नहीं मिल रहे। जिससे उनकी परेशानी बढ़ रही है। कुछ ई-रिक्शा चालक इस हड़ताल से अपने आप को दूर रखकर अपने ई-रिक्शा का परिचालन कर रहे थे। जिनके साथ हड़ताली ई- रिक्शा चालकों ने मारपीट कर उनका ई-रिक्शा का परिचालन बन्द करवा दिया। सभी ई-रिक्शा चालक अपने रिक्शे को गिरिहिंडा स्थित नए बस स्टैंड में जमा होकर प्रशासन के खिलाफ अपनी मांग मनवाने को लेकर नारा बुलंद किये हुए है। वहीं, लोगों का कहना है कि रिक्शा चालक जान-बूझकर ज्यादा किराया लेते हैं। उनकी किराया बढ़ाने की मांग पूरी तरह से अवैध है। वहीं, स्थानीय लोगों ने किराया बढ़ाने का पुरजोर विरोध किया है। ई-रिक्शा चालक संघ द्वारा मनमाने तरीके से किराया बढ़ाने को लेकर हड़ताल के जरिए अपनी बात मनवाने को लेकर प्रयास शुरू किया गया है। वही हड़ताल के कारण स्टेशन, कटरा बाजार, कचहरी एवं गिरिहिंडा सहित अन्य रूटों पर ई-रिक्शा का परिचालन बंद है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली से चार्ज होकर चलने वाली ई-रिक्शा का किराया बढ़ाने की मांग अवैध है। इसको लेकर चालक संघ मनमानी कर रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक शेखपुरा में अधिकांश ई-रिक्शा चालक बिना निबंधन कराए अवैध तरीके से अपने ई-रिक्शा का परिचालन करते है। जिसमें ज्यादातर नाबालिग ड्राइवर है।

पहले पांच रुपये था लोकल भाड़ा, प्रशासन ने तय किए दस रुपये

गौरतलब है कि इससे पूर्व चांदनी चौक से गिरिहिंडा चौक से भाड़ा महज 5 रुपए था। जिसे तत्कालीन एसडीओ सुबोध कुमार ने 10 रुपए कर दिया था और अब ई-रिक्शा यात्रियों से 20 रुपए भाड़ा वसूल रही है। यदि किसी को गिरिहिंडा चौक जाना होता है तो उक्त ई-रिक्शा चालक शेखपुरा रेलवे स्टेशन तक ही जाने की बात कहते है और चांदनी चौक से शेखपुरा रेलवे स्टेशन का भाड़ा 10 रुपए वसूलते है। वहीं, शेखपुरा रेलवे स्टेशन से गिरिहिंडा चौक तक जाने का 10 रुपए एक्स्ट्रा भाड़ा वसूलते है। इस तरह से ई-रिक्शा चालक 20 रुपए तक एक यात्री से भाड़ा वसूल करते है।

जिसके कारण यात्रियों और ई-रिक्शा चालक में अक्सर झड़प होते रहती है। इस बाबत जिला परिवहन पदाधिकारी मनोज कुमार से इस मामले को लेकर पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जनवरी 2011 से लेकर नवंबर 2021 तक जिले में कुल 551 ई-रिक्शा का निबंधन किया गया है। जबकि जिले में ई- रिक्शा की संख्या इससे कहीं ज्यादा है। जिसको लेकर जल्द ही बिना निबंधन के परिचालन किये जा रहे ई रिक्शा चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ताकि इनकी मनमानी पर रोक लग सके।

नाबालिग ड्राइवर के हाथों में ई-रिक्शा की कमान
ई-रिक्शा का कमान नाबालिग के हाथों में रहने के कारण अक्सर घटनाएं घटित होते रहती है। इन्हे परिवहन अधिनियम की कोई जानकारी नहीं होती है और न ही इनके पास कोई लाइसेंस होता है। फिर भी बेख़ौफ़ शेखपुरा के मुख्य बाज़ारों में ई रिक्शा तथा ऑटो स्पीड गति में चलाते है। हद तो तब लगती है जब इन नाबालिग ड्राइवर द्वारा ओवरलोड सामान के साथ-साथ भेड़-बकरियों की सवारी को ई रिक्शा तथा ऑटो में भरे रहते है। आश्चर्य की बात है कि सवारी भी बिना कोई भय के सफर करते है। हाल के घटनाओं पर गौर करे तो ऐसे कई हादसे हुए है जिनका स्टेयरिंग नाबालिग ड्राइवर के हाथों में थे। लेकिन अब तक न तो कोई सवारी या फिर अधिकारी सबक ली है।

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