कवायद:लोगों की जागरुकता से ही पूरी तरह खत्म होगा फाइलेरिया : डॉ. पृथ्वीराज

शेखपुराएक महीने पहले
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बैठक में शामिल सीएस व चिकित्सक - Dainik Bhaskar
बैठक में शामिल सीएस व चिकित्सक
  • जिले में 6,88,182 लोगों को खिलाई जाएगी फाइलेरियामुक्ति के लिए दवा, दो साल से कम उम्र के बच्चे व गर्भवती महिलाओं को नहीं दी जाएगी दवा

लोगों को फाइलेरिया से सुरक्षित रखने और बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए जिले में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए 21 दिसंबर से जिले में सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए) का आयोजन किया जा रहा है। उक्त कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए सीएस सभागार में एक बैठक का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला अंतर्गत सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में घर-घर दवा पहुंचाने हेतु माइक्रो प्लान प्रखंड स्तर पर बनाया जा रहा है।

इसके लिए जिला स्तर पर सभी प्रखंड के बीएचएम, बीसीएम एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का प्रशिक्षण जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी के द्वारा सिविल सर्जन की अध्यक्षता में कराया गया। बैठक में सिविल सर्जन डॉ.पृथ्वीराज द्वारा बताया गया कि यह बहुत ही महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिससे पूरे जिला में हाथीपांव, हाइड्रोसील में सूजन, महिलाओं के स्तन में सूजन जैसे गंभीर बीमारी से बचाया जा सकता है। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ.अशोक कुमार सिंह के द्वारा बताया गया कि यह बीमारी फलेरिया मच्छर के काटने से होता है। इस कार्यक्रम का सफल संचालन के लिए प्रत्येक प्रखंड केयर इंडिया एवं डब्ल्यूएचओ के एक-एक कर्मी एवं पीसीआई के दो कर्मी प्रतिनियुक्त कर दिए गए है। साथ ही सभी विभाग से सहयोग के लिए अनुरोध किया गया है।

डोर-टू-डोर दी जाएगी दवा
सीएस डॉ.पृथ्वीराज ने बताया कि शिवहर, औरंगाबाद व शेखपुरा जिला में फाइलेरिया का कार्यक्रम मॉडल तरीके से किया जा रहा है। इसी के आधार पर अन्य जिलों में इसी तरह का कार्यक्रम लागू होगा। यह कार्यक्रम WHO, केयर इंडिया, पीसीआई की देखरेख में शेखपुरा जिला में किया जाएगा। सीएस ने कहा की फलेरिया मुक्त भारत अभियान जिले में 21 दिसंबर से संचालन होगा। इस अभियान के दौरान आशा एवं फ्रंटलाइन वर्कर्स घर-घर जाकर 14 दिनों तक तीन तरह की दवा देंगे।

फाइलेरिया के प्रति जागरुकता जरूरी
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ.अशोक कुमार सिंह ने बताया कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होने वाली एक गंभीर संक्रामक बीमारी है जिसे आमतौर पर हाथी पांव भी कहा जाता है। कोई भी व्यक्ति किसी भी उम्र में फाइलेरिया से संक्रमित हो सकता है। फाइलेरिया के प्रमुख लक्षण हाथ और पैर या हाइड्रोसिल (अण्डकोष) में सूजन का होना होता है। प्रारंभिक अवस्था में इसकी पुष्टि होने के बाद जरूरी दवा सेवन से इसे रोका जा सकता है। इसके लिए लोगों में जागरूकता की आवश्यकता है। लोगों को फाइलेरिया के लिए जागरूक करने में मीडिया की सशक्त भूमिका होती है। डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि एमडीए कार्यक्रम के दौरान जिले में 06 लाख 88 हजार 182 लोगों को यह दवा खिलाई जाएगी। इसके लिए जिले में 306 दल बनाए गए हैं। जिसमें अरियरी में 115086, बरबीघा में 147109, चेवाड़ा में 79857, घाटकुसुम्भा 51382, शेखोपुरसराय में 74958, शेखपुरा ग्रामीण में 149826 एवं शेखपुरा शहरी में 69964 लोग शामिल है।

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