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कोरोना का असर:लॉकडाउन के कारण रमजान के महीने में फलों और अन्य सामग्री के बढ़े दाम

शेखपुराएक महीने पहले
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फल बेचता दुकानदार। - Dainik Bhaskar
फल बेचता दुकानदार।

जिले में रमजान के पाक महीने को लेकर लाॅकडाउन के कारण बाजारों में राैनक देखने को नहीं मिल रही है। लाॅकडाउन को लेकर जिला प्रशासन ने खरीदारी को लेकर समय निर्धारित किया है। जिसमें जिला में अवश्यक सामग्री की खरीदारी करने के सुबह 7 बजे से 11 बजे तक खोलने का निर्देश दिया गया। जहां लोग समय पर खरीदारी कर रहे हैं। इधर, बाजारों में फलों की जमकर बिक्री हो रही है। शहर के चांदनी चौक, कटरा चौक, गिरिहिंडा चौक आदि जगहों पर फल दुकानों में रोजा रखने वाले जमकर खरीदारी कर रहे हैं। तमाम रोजेदार रमजान के महीने में फलों की खूब खरीदारी करते हैं। इस कारण फलों की कीमत मेें काफी इजाफा हो गया है। जहां सेब 80 रुपए किलो था, वहीं रमजान को लेकर 120 से 160 रुपए किलो तक पहुंच गया है।

खजूर, पपीता, अनार, अंगूर तरबूज और केले के दाम भी काफी बढ़ गए हैं। रोजेदार ने बताया कि रमजान के माह में अधिकतर चीजों का दाम बढ़ जाता है। फलों का दाम में काफी बढ़ोतरी हाे गई। इस बार लॉकडाउन को लेकर भी कई रोजेदारों को कामकाज बंद है, लेकिन रमजान में खर्च होता है। इस माह में फल थोड़े महंगे हुए हैं, लेकिन इसका कोई विकल्प भी नहीं है। वहीं फल बिक्रेता ने बताया कि रमजान शुरू होते ही दुकानों में ग्राहकों की संख्या में इजाफा हुआ है। लॉकडाउन को लेकर बाहर से फल आने में परेशानी होती है। फलों की दरें मंडी से ही बढ़ी हुई है। हमलोग को तो जो खरीदारी पड़ेगा तो उस हिसाब से हमलोग भी ब्रिकी कर रहे हैं। बरकत का महीना होता है रमजान : रमजान को बरकत का महीना कहते हैं। रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां माह होता है। रमजान का चांद देखते ही लोग इबादत में लग जाते है।

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