लापरवाही पड़ेगी भारी:संक्रमण का बढ़ा खतरा: स्कूल-कॉलेज बंद, पर आंगनबाड़ी केंद्र खुला, कारण किसी को पता नहीं

शेखपुरा13 दिन पहले
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आगनबाड़ी केंद्र में बच्चे। - Dainik Bhaskar
आगनबाड़ी केंद्र में बच्चे।
  • सेविका व सहायिकाओं की कोरोना जांच नहीं, बच्चों को परोस रही हैं गरम भोजन

शेखपुरा जिले में कोरोना मरीजों की संख्या अब तक 70 पहुंच गई है, बावजूद लोगों में इसका डर नहीं दिख रहा है। जिसे जिला प्रशासन भी पालन कराने में असमर्थ साबित हो रहे है। विदित हो कि कोरोना से दूसरे लहर में जिले में 4744 लोग संक्रमित हो चुके थे। साथ ही जिले में लगभग 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस साल भी कोरोना के तीसरी लहर को देखते हुए गृह विभाग के निर्देश पर स्कूल-कॉलेज बंद कराए जा चुके हैं। इस बार कोरोना खासकर छोटे-छोटे बच्चों में फ़ैल रहा है। ऐसे में मासूम बच्चों की जान से खिलवाड़ करते हुए शुक्रवार को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र खुले दिखे।

संक्रमण के खतरे के बीच बच्चों को एक साथ बैठाकर गरम भोजन परोसा गया। गंभीर बात यह है कि केंद्रों को खोलने से पहले सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की कोरोना जांच तक नहीं कराई गई है। पिछले 4 महीने से इन आंगनबाड़ी सेविकाओं व सहायिकाओं को गांव-घरों में लोगों को वैक्सीनेशन दिलाने एवं सर्वे का काम लिया गया। फिर भी इनकी कोरोना जांच कराए बगैर ही आंगनबाड़ी केंद्रों को खुलवाए जा रहे हैं। जहां केंद्र खुल रहा है, वहां मास्क व सैनिटाइजर तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 साल उम्र के बच्चे आते हैं। उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने में भी दिक्कत हो रही है। ऐसे में अगर एक भी बच्चा बीमार होता है तो प्रशासन और विभाग पर इसकी जिम्मेदार होगी।

आंगनबाड़ी केंद्र आने वाले बच्चों ने नहीं पहना मास्क, केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग की भी उड़ी धज्जियां

बड़ा सवाल }ठंड की छुट्टी में भी कैसे खुला रहा आंगनबाड़ी केंद्र
राज्य सरकार ने कोरोना के कारण सभी शिक्षण संस्थानों को 21 जनवरी तक बंद कर दिया है। वहीं इससे पहले जिला प्रशासन ने बढ़ते ठंड को लेकर छुट्टी की घोषणा की थी। लेकिन, शुक्रवार को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र खुले मिले। और यहां बच्चे भी मौजूद रहे। इन केंद्रों पर बच्चों ने न मास्क पहना था और न ही उनके बीच कोई सोशल डिस्टेंसिंग थी बच्चों को समूह में बैठाकर गरम भोजन परोसा गया। बता दें कि 4 जनवरी को ठंड व शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए बिहार सरकार ने नर्सरी से 8वीं तक के विद्यालयों को बंद करने का निर्देश दिया था, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र को बंद नहीं कराया गया।

जिसको लेकर राजनीतिक दलों ने विरोध भी दर्ज़ कराया था, लेकिन जिला प्रशासन ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसी क्रम में राज्य में कोरोना के बढ़ते हुए मामले को देखते हुए गुरुवार की देर रात से राज्य सरकार के गृह विभाग ने नोटिफिकेशन जारी कर हर तरह के शिक्षण-प्रशिक्षण केंद्र बन्द करा दिए। इस पूरे मामले में कार्यक्रम पदाधिकारी का बयान भी चौंकाने वाला है। आईसीडीएस डीपीओ तृप्ति कुमारी ने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई निर्देश नहीं मिला है कि आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखना है।

आदेश नहीं मिलने के कारण खुला है आंगनबाड़ी केंद्र डीपीओ
इस संबंध में आईसीडीएस डीपीओ तृप्ति कुमारी ने बताया कि विभाग के द्वारा किसी प्रकार का अब तक निर्देश जारी नहीं किए जाने के कारण जिले के सभी प्रखंड में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन किया जा रहा है। जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बिहार सरकार के निर्देश पर जिले के सभी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया है। लेकिन अब तक बाल विकास परियोजना विभाग के द्वारा किसी प्रकार का गाइडलाइन जारी नहीं किया गया है।

जिले में 216 आंगनबाड़ी केंद्र का किया जा रहा सचांलन : जिले में कुल 6 प्रखंडों में कुल 216 आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन किया जा रहा है। जिसमें कुल 57159 बच्चे नामंकित है। जहां, कोरोना संक्रमण के दौरान भी कक्षा का संचालन किया जा रहा है। इसके साथ-साथ बच्चों को मिलने वाले पोषाहार भी परोसे जा रहे हैं। लेकिन इस दौरान कोविड नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंच रहे आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका एवं रसोईया के द्वारा भी मास्क का प्रयोग नहीं किया जाता है।

ऐसे में बच्चों की बच्चों के बीच संक्रमण बढ़ने की संभावना बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही प्रतिदिन विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर विभिन्न प्रकार की योजनाओं के अंतर्गत गोद भराई सहित अन्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें गांव की गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ उनके परिजन भी आंगनबाड़ी केंद्र पहुंच रहे हैं। इस स्थिति में एक भी संक्रमित मिलने के कारण पूरे गांव में कोरोना विस्फोट हो सकता है। गौरतलब हो कि पूर्व में भी एक शिक्षक की गलती के कारण सदर प्रखंड के कैथवां गांव में दर्जनों बच्चे संक्रमित पाए गए थे। वहीं, जिले में प्रतिदिन संक्रमित मरीज मिलने से हड़कंप का माहौल बना हुआ है।

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