नई पहल:अब जनता के हाथों में नगर परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कमान

शेखपुरा11 दिन पहले
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नगर परिषद भवन, शेखपुरा। - Dainik Bhaskar
नगर परिषद भवन, शेखपुरा।

जिले में पंचायत चुनाव कार्य शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गये हैं। इसके साथ ही जिला परिषद अध्यक्ष व प्रमुख समेत कई अहम पदों का निर्वाचन भी संपन्न हो गया है। वहीं, अब जिले के दो नगर परिषद एवं दो नगर पंचायत में वार्ड पार्षद का चुनाव नजदीक आ रहा है। इसके लेकर इस साल अप्रैल से जून माह तक चुनाव होने की संभावना व्यक्त किया गया है। वहीं, इस बार बिहार सरकार ने नगर परिषद के चुनाव में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इस बार नगर परिषद एवं नगर पंचायत का अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को सीधा जनता के द्वारा ही चुना जाएगा।

दरअसल, पूर्व में वार्ड पार्षदों के समर्थन से ही अभी तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाए जाते थे। लेकिन इस बात की शिकायत काफी अधिक आती रही है कि इन दोनों पदों को हासिल करने के लिए मोटी रकम का खेल खेला जाता है। पैसे के दम पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष तय हो जाते हैं। वहीं बीच कार्यकाल में ही अविश्वास प्रस्ताव लाकर फिर से पैसे का खेल खेला जाता है। जिसके बाद सरकार ने अब फैसला किया है कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को भी सीधे जनता के द्वारा ही चुना जाएगा। इसके लिए राजभवन ने नगरपालिका एक्ट में संशोधन का अध्यादेश विधि विभाग को भेज दिया है। अध्यादेश के संशोधन राज्य भर में लागू हाेंगे।

अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के विरुद्ध पार्षद नहीं ला सकेंगे अविश्वास प्रस्ताव

संशोधन के अनुसार अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के विरुद्ध पार्षद अविश्वास प्रस्ताव भी नहीं ला सकेंगे। दरअसल बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 23 व 25 में संशोधन किया गया है। जिसमें मुख्य पार्षद यानी अध्यक्ष उप मुख्य पार्षद यानी उपाध्यक्ष के चुनाव और दोनों ही के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने से संबंधित हैं। नए नियम के तहत जब वार्ड पार्षद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं करेंगे, ताे वार्ड पार्षदों की क्षमता के एक तिहाई बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव भी नहीं ला सकेंगे।

संशोधन के साथ 23 (1) - संबंधित नगर पालिका क्षेत्र के मतदाता सूची में दर्ज वोटर प्रत्यक्ष रूप से मेयर व डिप्टी मेयर का चुनाव कर सकेंगे। जबकि, धारा 24 के तहत उन्हें गोपनीयता की पूर्ण शपथ दिलाई जाएगी। संशोधन के बाद धारा ( 25) मुख्य पार्षद और उप मुख्य पार्षद को अविश्वास प्रस्ताव के द्वारा नहीं हटाया जा सकेगा। इनके त्यागपत्र देने, मृत्यु होने अथवा किसी आपराधिक मामले में 6 माह तक फरार रहने की स्थिति में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष को हटाया जा सकेगा।

नया नियम लागू होने से राजनीतिक दलों और आमलोगों में खुशी व्याप्त
बिहार सरकार के द्वारा नगर परिषद एवं नगर पंचायत में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चुनाव हेतु नए नियम लागू किए जाने को लेकर राजनीतिक दलों एवं आम जनता ने खुशी व्यक्त की है। इस संबंध में शेखपुरा नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन गंगा कुमार यादव, लोजपा रामविलास अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव इमाम गजाली सहित अन्य राजनीतिक दलों ने ख़ुशी व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चुनाव के दौरान पार्षदों का खरीद-फरोख्त किया जाता है। जिस पर अब अंकुश लगेगा और अब जनता अपने मर्जी के मुताबिक अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चुन सकेंगे।

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