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परेशान:चापाकल का दूषित पानी पी रहे, डायरिया के प्रकोप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दहशत

शेखपुरा7 दिन पहले
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  • हमारे गांव तक आने वाली कच्ची सड़क पर फिसलन बना हुआ है और कीचड़ से लोग परेशान

जिले के घाटकुसुम्भा प्रखंड स्थित हरोहर नदी के जलस्तर में आये उफान के बाद आये बाढ़ ने अब आफत की बाढ़ छोड़ दी है। बाढ़ में डूबने का खतरा खत्म होने के बाद प्रभावित इलाकों में ग्रामीणों को महामारी का डर सताने लगा है। जिले में डायरिया के दस्तक के बीच बाढ़ प्रभावित गांव के ग्रामीण सहमे हुए है। इस बाबत पानापुर पंचायत के आलापुर के ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ का पानी कई तरह की बीमारी अक्सर अपने साथ लेकर आता है। बाढ़ खत्म होने के बाद गांव में बाढ़ से जमा हुए कचरे से सड़न व बदबू उठती रहती है। ऐसे में डायरिया, कै-दस्त एवं बुखार जैसी भयावह बीमारी का खतरा बढ जाता है। बाढ़ में उत्पन्न हुए कीड़े मकोड़ों व वायरस को मारने के लिए चूना, हेलोजन व ब्लीचिंग का छिड़काव ही एकमात्र उपाय है।

हमारे गांव तक आने वाली कच्ची सड़क पर फिसलन बना हुआ है और कीचड़ से लोग परेशान है। फिसलन और रास्ते में गड्ढे होने के कारण मार्ग बाधित है। वही बाउघाट निवासी रामकिशुन महतो, डॉ.रमेश प्रसाद आदि ने बताया कि गांव मे करीब दो दर्जन से ज्यादा लोग सर्दी-खांसी बुखार से पीड़ित है। किसानों के पालतू पशुओं में भी बीमारियां पनपने लगी है। किसी को घाव या किसी को बुखार हो रहा है। चापाकल से बाढ़ का दूषित पानी पीकर लोग बीमार हो रहे है। जलजमाव की वजह से गांव में काफी मच्छर पनप रहे हैं, जिससे डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियां बड़ा रूप ले सकती हैं और गांव में काफी लोग बुखार से भी पीड़ित हैं जो एक चिंता का सबब बना हुआ है। जिले के हसौड़ी, गवय-लोदीपुर, कैथवां जैसे गांवों में डायरिया जैसी बीमारी फैलने की खबर से भी लोग काफी दहशत में है।

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