आदेश:स्कूल से बाहर के बच्चों के दाखिले के लिए होगा सर्वे

शेखपुरा2 महीने पहले
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बैठक में जानकारी देते अधिकारीगण। - Dainik Bhaskar
बैठक में जानकारी देते अधिकारीगण।

जिले के स्कूलों से दूर रहने वाले बच्चों की पहचान के लिए गृहवार सर्वे किया जाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत विभागीय आदेश पर छह से 18 आयु वर्ष के स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों की सर्वेक्षण की रणनीति तैयार की गई है। इस बाबत डीईओ रंजीत पासवान व एसएसए डीपीओ सतीश प्रसाद ने बैठक में सभी बीईओ, बीआरपी को कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि स्कूल पहुंच से दूर रहने वाले बच्चों की पहचान कर स्कूल में उम्र सापेक्ष दाखिला दिलाने व सर्वेक्षण कार्य के लिए नोडल शिक्षक नामित किया जाएगा। सभी स्कूलों में हेल्प डेस्क भी बनाया जाएगा। इसकी जिम्मेवारी युवा शिक्षकों को दी जाएगी। स्कूलों में हेल्प डेस्क के नेतृत्वकर्ता हेडमास्टर होंगे। इसी तरह प्रखंड में बीईओ व जिला में डीईओ हेल्प डेस्क का नेतृत्वकर्ता होंगे। स्कूलों के नोडल शिक्षक अपने क्षेत्र के बीएलओ से मतदाता सूची प्राप्त करेंगे। हेल्प डेस्क को आवश्यक जानकारी देते हुए स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों का आंकड़ा व जानकारी बाल पंजी में दर्ज करेंगे। इसके बाद घर-घर जाकर ऐसे बच्चों का पता लगायेंगे। प्रखंड से लेकर जिला स्तर पर स्कूलों में बच्चों से सं संबंधित आंकड़ों व सर्वे रिपोर्ट विभाग की ओर से विकसित बेस्ट एप पर अपलोड किया जाएगा। गृहवार सर्वे के अधार पर स्कूल से बाहर के बच्चों का दाखिला स्कूल में कराया जाना है। खासकर घुमंतू बच्चों की पहचान के लिए विशेष रणनीति तय की गई है। डीईओ ने कहा है कि रेलवे स्टेशन, चौक-चौराहों से लेकर मंदिर-मस्जिद समेत अन्य जगहों पर घुमंतू बच्चों की पहचान कर उन्हें स्कूलों में दक्षता के अनुसार नामांकन कराया जाएगा। ऐसे बच्चों की पहचान के लिए विशेष रणनीति संबंधित बीईओ को बनाने का निर्देश दिया गया है। गैर सरकारी संस्थाएं, पुलिस प्रशासन, रेल प्रशासन, स्थानीय निकाय से डीईओ द्वारा समन्वय स्थापित कर अलग से रणनीति तय की जाएगी।

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