आक्रोश / भोजन व अन्य सुविधाओं से नाराज प्रवासियों ने बीडीओ कार्यालय में घुसकर किया हंगामा

The angry migrants entered the BDO office by creating food and other facilities
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The angry migrants entered the BDO office by creating food and other facilities

  • संक्रमण के भय से कार्यालय छोड़कर भागे अधिकारी व कर्मी, बीडीओ ने कहा- नहीं है कोई व्यवस्था

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 06:47 AM IST

शेखपुरा. जिले के अरियरी प्रखंड में पंचायत स्तर पर फरपर के मध्य विद्यालय में बने क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासियों ने 3 दिनों से भोजन सहित अन्य किसी प्रकार कि सुविधा नहीं मिलने से नाराज होकर प्रखंड मुख्यालय में बने बीडीओ कार्यालय में घुसकर जमकर बवाल काटा। इस दौरान प्रखंड मुख्यालय में कार्य कर रहे अधिकारी व कर्मी संक्रमण के भय से कार्यालय छोड़कर बाहर भाग खड़े हुए। इस बाबत प्रवासियों ने बताया कि 20 मई  को अधिकारियों के द्वारा मेडिकल जांच कराकर प्रखंड स्थित क्वारेंटाइन सेंटर में भेजा गया था।

लेकिन इस सेंटर पर बिजली, पानी, सोने के लिए बेड, शौचालय आदि की व्यवस्था नहीं की गई है। जिसके कारण प्रवासी मजदूर अपने-अपने घरों से खाना मंगाकर या फिर दुकानों से समान खरीदकर अपनी भूख मिटा रहे हैं। कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराये जाने के कारण महिलाओं व बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, 20 मई को अरियरी प्रखंड के फरपर गांव के रहनेवाले 50 से अधिक की संख्या में महिला-पुरुष व बच्चे त्रिपुरा व तमिलनाडु से श्रमिक ट्रेन के द्वारा शेखपुरा स्टेशन पहुंचे थे।

जिसके बाद मेडिकल जांच करने के उपरांत प्रशासन की मदद से रामाधीन कॉलेज में स्थापित वाहन कोषांग में लाया गया था। जिसके बाद पंचायत स्तर पर बने क्वारेंटाइन सेंटर में भेज दिया गया। जहां पिछले 3 दिन से रह रहे प्रवासियों को किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। प्रवासी अपने घरों से भोजन बनाकर अपनी भूख मिटाने पर विवश हैं। वहीं, इस भीषण गर्मी में पेयजल के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिन लोगों के घर से खाना नहीं आता है वे प्रवासी बाहर दुकानों से बिस्कुट लाकर अपना भूख मिटा रहे हैं।

वहीं, मौके पर पहुंचे बीडीओ संजय कुमार ने प्रवासियों से शपथ पत्र भरवाकर उक्त लोगों को घर जाने की अनुमति दे दिया है। गौरतलब है कि जिले में पंचायत स्तर पर बने क्वारेंटाइन सेंटर में लगातार प्रवासियों द्वारा व्यवस्था नहीं होने के कारण हंगामा किया जा रहा है, जबकि इनकी व्यवस्था पंचायत के मुखिया एवं खाने की व्यवस्था विद्यालय के मध्याह्न भोजन के तहत किया जाना था, लेकिन किसी ने क्वारेंटाइन सेंटर में किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं की।
बीडीओ ने घोषणापत्र भरकर घर जाने का दिया निर्देश: सुविधा को लेकर हंगामा कर रहे प्रवासियों से बीडीओ संजय कुमार ने बताया कि अगर पंचायत स्तर पर बने क्वारेंटाइन सेंटर में आप लोगों की सुविधा नहीं मिल रही है तो आप लोग घोषणा पत्र भरकर अपने अपने घरों में जाकर हम क्वारेंटाइन हो सकते हैं। जिसके बाद कई प्रवासी को घोषणा पत्र भरकर होम क्वारेंटाइन भी किया गया हैं। उन्होंने बताया जिले में लगातार प्रवासियों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिसके कारण क्वारेंटाइन सेंटरों में प्रवासियों को रखने में काफी परेशानी हो रही है। जिसको लेकर जिला प्रशासन ने निर्देश दिया कि ग्रीन जोन से आने वाले प्रवासी को घोषणा पत्र भराकर होम क्वारेंटाइन कर सकते हैं ।
चापाकल से पानी लेने पर ग्रामीणों ने जताया विरोध
क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासी को किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं रहने के कारण क्वारेंटाइन सेंटर के बाहर लगे चापाकल से अपनी प्यास बुझा रहे थे, लेकिन संक्रमण के भय से ग्रामीणों के द्वारा भी चापाकल से पानी लेने के लिए मना कर दिया गया। जिसके कारण इस भीषण गर्मी में परेशान प्रवासियों को पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई। हालांकि कुछ ग्रामीणों द्वारा अपने घर से मोटर के द्वारा शुक्रवार को पानी उपलब्ध कराया गया।
प्रवासियों से बात करने से भी घबरा रहे थे प्रखंड के कर्मी
क्वारेंटाइन सेंटर में 3 दिनो से किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं मिलने के कारण प्रवासियों के प्रखंड मुख्यालय पहुंचते ही कार्यरत अधिकारी व कर्मी कार्यालय छोड़कर फरार हो गए। संक्रमण के भय के कारण कोई अधिकारी व कर्मी प्रवासी से बात तक नहीं करना चाह रहे थे। वहीं, प्रवासियों ने बताया की सुविधा की मांग को लेकर उन लोगों के द्वारा बार-बार अधिकारी व जनप्रतिनिधि से गुहार लगाया जा चुका है, लेकिन किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं हो पायी है।

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